व्लादिमीर पुतिन स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते, विदेश यात्रा पर ले जाते हैं अपना निजी ‘फोन बूथ’
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दुनिया के उन चुनिंदा सबसे ताकतवर राष्ट्राध्यक्षों में से एक हैं जो आज भी स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते। यह कोई अफवाह या अनुमान नहीं, बल्कि कई विश्वसनीय स्रोतों और क्रेमलिन के अधिकारियों द्वारा बार-बार पुष्टि की गई सच्चाई है।
पुतिन का मानना है कि आधुनिक स्मार्टफोन जासूसी और साइबर हमलों के लिए बेहद आसान लक्ष्य होते हैं। उनकी सुरक्षा टीम इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानती है। इसलिए वे न तो कोई पर्सनल स्मार्टफोन रखते हैं और न ही कोई सोशल मीडिया अकाउंट खुद चलाते हैं।
जब भी राष्ट्रपति पुतिन विदेश दौरे पर जाते हैं, तो उनके साथ एक खास तरह का सुरक्षित टेलीफोन कक्ष (secure telephone booth) ले जाया जाता है। यह एक पोर्टेबल, पूरी तरह एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम होता है जिसे रूसी खुफिया एजेंसी FSO (फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस) विशेष रूप से तैयार करती है। इस बूथ में विशेष केबल और सैटेलाइट कनेक्शन के जरिए ही पुतिन मॉस्को से सीधे बात कर सकते हैं।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कई मौकों पर कहा है, “राष्ट्रपति का मानना है कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल उनकी सुरक्षा के लिए खतरे को बढ़ाता है। वे पुराने जमाने के सुरक्षित लैंडलाइन और विशेष एन्क्रिप्टेड सिस्टम को ही तरजीह देते हैं।”
दुनिया के ज्यादातर राष्ट्राध्यक्ष (जैसे अमेरिका के राष्ट्रपति, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री, फ्रांस के राष्ट्रपति आदि) विशेष रूप से संशोधित और अत्यधिक सुरक्षित स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, लेकिन पुतिन इस मामले में पूरी तरह अलग रास्ता अपनाते हैं।
रूसी मीडिया और पुतिन के करीबी सूत्रों के मुताबिक, वे आज भी ज्यादातर लिखित रिपोर्ट, सुरक्षित टेलीफोन और आमने-सामने की बैठक को ही तरजीह देते हैं।
















