वार्डन पिटाई से कस्तूरबा विद्यालय के 9 वीं क्लास की 5 छात्राऐं चोटिल

वार्डन पिटाई से कस्तूरबा विद्यालय के 9 वीं क्लास की 5 छात्राऐं चोटिल

वार्डन पिटाई से कस्तूरबा विद्यालय के 9 वीं क्लास की 5 छात्राऐं चोटिल

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सरिया प्रखण्ड में संचालित कस्तूरबा विद्यालय के 9 वीं क्लास की छात्राओं के साथ वार्डन के द्वारा मारपीट करने का एक मामला प्रकाश में आया है ! बीते रविवार को विद्यालय के प्रभारी वार्डन अंशु ने 12 th के छात्राओं के साथ होली खेल रहे 9 वीं की छात्राओं की जमकर पिटाई कर दी है ! मामला तब सामने आया जब सरिया प्रखण्ड प्रमुख प्रीति कुमारी को इसकी जानकारी विद्यालय के ही कुछ कर्मचारियों ने उन्हें दी !

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जानकारी पाकर वों विद्यालय पहुँची जहां उन्होंने मामले को सही पाया ! इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी सरिया बीडीओ व बी ई ओ को दी !

उनलोगों ने भी मारपीट के मामले को सही पाया और फौरन बच्चियों को इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर गए, जहां एक बच्ची के कंधे में फ्रेक्चर होने की बात बताई गई है !

संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक सम्पन्न,18 मार्च को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंपने का हुआ निर्णय।

इस सम्बंध बीडीओ ने कहा कि अनुशाशन के नाम पर वार्डेन के द्वारा बच्चियों पर ज्यादती की गई है अभी फिलहाल चोटिल बच्चियों का बेहतर इलाज कराया जा रहा है और प्रभारी वार्डन को तत्काल मुक्त कर दूसरे सीनियर शिक्षक को प्रभार दे दिया गया है ! जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी !

वहीं प्रमुख ने कहा कि छात्राओं के साथ वार्डन के द्वारा किया गया ये व्यवहार बिल्कुल अमानवीय व्यवहार है एक सभ्य समाज इसे कतई स्वीकार नहीं कर सकता है, इन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षकों को कार्यमुक्त करना चाहिए जिन्हें बच्चियों को ट्रीट करना न आता हो !

इधर इस पूरे मामले पर आरोपी वार्डन अंशु कुमारी ने बताया कि बच्चियां बगैर परमिशन के होली खेल रहीं थी और हल्ला कर रहीं थी, उन्हें अनुशाशन में लाने के लिए सिर्फ डांट फटकार लगायी है मारपीट नहीं किया है !
बहरहाल कौन गलत कौन सही ये तो फैसला बाद में हो ही जायेगा, विभागीय स्तर पर इसकी शुरुआत हो भी गयी है मगर घटना में चोटिल बच्चियां जो घर-परिवार माँ- बाप को छोड़कर इस विद्यालय में पढ़ने के लिए रह रहीं हैं, जिन अभिभावकों ने वार्डन के भरोसे बच्चों को यहां छोड़ दिया है उनका विस्वास खत्म जरूर हुआ है !

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