आपदा में डरें नहीं डटकर सामना करें : हरि नारायण सिंह.

आपदा में डरें नहीं डटकर सामना करें : हरि नारायण सिंह.

Author drishtinow | Edited by drishtinow
Updated: Sat, 26 Jun 2021 02:38 PM (IST)

रांची : रांची रिवोल्ट- जनमंच की साप्ताहिक वर्चुअल बैठक आज दिनांक 26 जून 2021 अपराहन 4:00 बजे वैश्विक आपदाकाल में आम नागरिकों की भूमिका विषय पर आयोजित हुई। ध्यातव्य है की रांची रिवोल्ट-जनमंच लागतार जनमुद्दों पर बैठक और जनजागरण अभियान चलाती आ रही इसी क्रम में आज की बैठक में विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री हरि नारायण सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कोरोना काल में बने भ्रम की स्थिति में न रहें यह इतनी बड़ी समस्या नहीं जितना लोगों के मन में डर घर कर गया है, हमें इस आपदा में डरने की नहीं बल्कि हालात का डटकर सामना करने की जरूरत है।

श्री सिंह ने बताया अपनी जीवनचर्या को स्वस्थ और स्वच्छ रूटीन में जीने, प्रातः काल आधे घंटे नियमित रूप से व्यायाम करने और सकारात्मक सोच के लोगों से संपर्क में रहने की जरूरत है। श्री सिंह ने कहा अगर घर में कोई बीमार हो तो सहज रूप से उससे बातें करें, इलाज और उसका उत्साहवर्धन करें इन उपायों को करने से और भारतीय संस्कृति और चिकित्सा पद्धति के अनुसार जीवनचर्या रखने से बड़ी से बड़ी बीमारी का सामना कर हम जीत हासिल कर लेंगे ।उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सभी देशवासियों से वैक्सिन जरूर से लेने और बेहद आवाश्यक होने पर ही सावधानी से डबल मास्क लगाकर ही निकलने की सलाह दी।

आज की बैठक का संचालन डॉ.प्रणव कुमार बब्बू ने किया और उन्होंने समस्त देश और राज्यवासियों से वैक्सीन लेने और सभी से अपने संपर्क के सभी लोगों से भी वैक्सिंग लेने के लिए प्रोत्साहित करने और जनप्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन करवाने और सरकारी नियम निर्देशों के पालन करने की जागरूकता लाने की अपील की। सभा के अंत में धन्यवाद ज्ञापन विजय दत्त पिंटू ने किया।

आज के कार्यक्रम में डॉ. प्रणव कुमार बब्बू, विजय दत्त पिंटू, डॉ. कमल कुमार बोस, अनुपमा प्रसाद,सूरज कुमार सिन्हा, आनंद जालान, सुजाता भगत, रीना सहाय, प्रीति सिन्हा, सोनी पांडे, नूतन कुमारी, प्रिया मुंडा , डॉ.प्रकृति प्रसाद ने अपने विचार व्यक्त किए, साथ ही साथ सुहेल अख्तर, दयाशंकर वर्मा, कुमार दीपम, आलोक सिंह परमार, प्रियंका पांडे,विजय कुमार शुक्ला, प्रो.रीना भारती, कुमुद झा, उत्पल मुखर्जी,आभा वर्मा,डॉ भारती श्रीवास्तव, सुकांतो मुखर्जी, डॉ. सुनीता श्रीवास्तव, कमल किशोर सिंह, ए. के.शरण, दिनेश प्रसाद सिन्हा, राकेश रंजन बबलू, पूनम सिन्हा, परशुराम प्रसाद, अरुण श्रीवास्तव, आफताब आलम, अकील खान, मुकेश कुमार शर्मा, समीर कुमार, विजय मुंडा समेत अन्य सदस्यों ने अपने विचार रखे।

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