कभी नक्सलियों( NAXAL) का गढ़ कहा जाता था खूंटी, अब संगठन हो गया है कमजोर

कभी नक्सलियों( NAXAL) का गढ़ कहा जाता था खूंटी, अब संगठन हो गया है कमजोर

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Ranchi : झारखंड का खूंटी जिला कभी नक्सलियों (NAXAL) का गढ़ कहा जाता था, लेकिन आज जिले में नक्सली संगठन कमजोर हो गया है. एक समय था जब खूंटी जिले में भाकपा माओवादी और पीएलएफआई उग्रवादी संगठन का दबदबा था. और नक्सलियों के द्वारा एक के बाद एक बड़ी घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देने का काम किया जाता था. लेकिन वर्तमान में यह हालात नहीं है.

एसपी आशुतोष शेखर के नेतृत्व में पुलिस की टीम नक्सली संगठनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. जिस वजह से खूंटी जिले में भाकपा माओवादी संगठन और पीएलएफआई उग्रवादी संगठन कमजोर पड़ गया है. साल 2019 से लेकर अबतक खूंटी जिले में 174 भाकपा माओवादी और पीएलएफआई उग्रवादी गिरफ्तार किये गये है.

11 बड़े नक्सली एनकाउंटर में हुआ ढेर

साल 2019 से लेकर अबतक खूंटी पुलिस ने एनकाउंटर में 11 बड़े नक्सलियों को मार गिराया है. जिनमें 15 लाख इनामी जिदन गुड़िया, 10 लाख इनामी गुज्जू गोप, शनिचर सुरीन, दो लाख इनामी प्रभु सहाय बोदरा, एक लाख इनामी विक्रम टोपनो, संजय ओडैया, संत थॉमस सोए, जोहन तोपनो, विष्णु सिंह, समीर कांडुलना और एक अज्ञात नक्सली शामिल है. पुलिस ने नक्सली संगठनों के 87 छोटे बड़े हथियार बरामद किये है. जिनमें एके 47 जैसे हथियार भी शामिल है. इसके अलावा नक्सली संगठन के 15 लाख से अधिक लेवी का रूपया बरामद किया और करीब एक हजार राउंड गोली बरामद किया है.

नक्सलियों का किया गया है पोस्टर जारी

खूंटी जिले में सक्रिय भाकपा माओवादी संगठन, पीएलएफआई और उग्रवादी संगठन के नक्सलियों का पोस्टर जारी किया है. पोस्टर जारी कर आम लोगों से अपील किया गया है कि इन सभी नक्सलियों के बारे में किसी भी प्रकार की सूचना है तो पुलिस को दें और उन्हें पुलिस के द्वारा इनाम दी जायेगी. सूचना देने वाले की पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी.

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