रांची DC छवि रंजन को लेकर मीडिया में इतनी चर्चा क्यों जानिए
हेमंत सोरेन की सरकार ने जिस IAS अधिकारी छवि रंजन को पिछले दो सालों से रांची का DC बना रखा है, वे आपराधिक मामले में चार्जशीटेड है.

मीडिया रिपोर्ट राजभवन तलब किये गए झारखण्ड के मुख्य सचिव (chief secretary jharkhand)
chief secretary jharkhand झारखंड के मुख्य सचिव को राजभवन में तलब किया गया है. मुख्यमंत्री के नाम पर पत्थर खदान का लीज…

राज्य सरकार कर रही चुनाव ( Election) आचार संहिता का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन :दीपक प्रकाश
Election News बड़े पैमाने पर प्रखंड विकास पदाधिकारियों का किया पदस्थापन, पंचायत चुनाव प्रभावित करने का प्रयास राज्य निर्वाचन आयोग से किया…

दिल्ली(Delhi) के जहांगीरपुरी में बवाल ,हनुमान जन्मोत्सव के दौरान शोभा यात्रा पर पथराव, कई लोग घायल
दिल्ली (Delhi) के जहांगीरपुरी में बवाल: हनुमान जन्मोत्सव के दौरान शोभा यात्रा पर पथराव, पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल सांसद (MP)संजय सेठ…

उप चुनाव के नतीजे BJP के लिए निराशाजनक By-Election Results 2022:
By-Election Results 2022: देश की एक लोकसभा सीट और 4 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर हुए उप चुनाव के नतीजे…

हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) पर मोदी ने किया हनुमान जी की प्रतिमा का अनावरण
Hanuman Jayanti आज हनुमान जयंती है। देशभर में आज हनुमान मंंदिरों में दर्शन—पूजन के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ हो रहा…
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इस अधिकारी के खिलाफ 26 अक्टूबर 2016 को अदालत में चार्जशीट दाखिल किया था. इन पर आरोप है कि कोडरमा डीसी के पद पर रहते हुए इस अधिकारी ने सरकारी पेड़ की चोरी की थी. गौर करने वाली बात हैः रांची, राज्य की राजधानी है और यहां की डीसी बनने का सपना हर आइएएस की होती है. इस रेस में छवि रंजन सबसे आगे हैं.
दुर्गा सोरेन सेना (Durga Soren Sena)रामगढ़ जिला कमेटी की हुई घोषणा
इस बात का खुलासा सरकार के द्वारा भेजी गयी एक रिपोर्ट से हुआ है. सरकार ने रिपोर्ट राजभवन को भेजी है. राज्यपाल ने झारखंड सरकार से पूछा था कि राज्य में कितने अफसरों के खिलाफ कौन-कौन से मामले कब से चल रहे हैं.
इसके जवाब में सरकार ने एसीबी द्वारा तैयार रिपोर्ट राजभवन को भेजी है. रिपोर्ट में छवि रंजन के अलावा अन्य चार IAS अधिकारी के नाम हैं.
आइएएस अधिकारी के श्रीनिवासन और सुनील कुमार के नाम का जिक्र करते हुए कहा गया है कि भ्रष्टाचार को लेकर 10 कांड अंकित है. जिसमें दोनों अधिकारी नामजद अभियुक्त नहीं है. ना ही जांच में दोनों के खिलाफ कोई साक्ष्य मिला है. अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल के बारे में कहा गया है कि बिहार के निगरानी ब्यूरो में इनके खिलाफ कांड संख्या-01/1999 दर्ज है.
वहां के एसपी को 13 बार पत्र लिखने के बाद भी वर्तमान स्थिति की जानकारी नहीं मिली है. आइटी निदेशक मनोज कुमार के बारे में कहा गया है
कि इनके खिलाफ वर्ष 2015 में पीई संख्या- 17/15 दर्ज किया गया. वर्ष 2017 में एसीबी ने इनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के लिये सरकार को लिखा है.


















