उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में  पलामू के व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में  पलामू के व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक।

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पलामू में व्यवसायिक खेती को मिलेगा बढ़ावा : उप विकास आयुक्त।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में  पलामू के व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक।
An important meeting was held under the chairmanship of Deputy Development Commissioner regarding the promotion of commercial farming in Palamu.

 

पलामू में व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने को लेकर उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद आज अपने कार्यालय वेश्म में कृषि विभाग एवं अन्य संबद्ध विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने पलामू में विभिन्न प्रकार की हो रही व्यवसायिक खेती की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही उन्होंने मल्टीपल फॉर्मिंग के लिए किसानों को प्रेरित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि एवं अन्य संबद्ध विभागों के समन्वय व सामूहिक प्रयास से पलामू कृषि के क्षेत्र में बेहतर कर सकेगा। उन्होंने वन-डिस्ट्रिक्ट वन-प्रोडक्ट की तर्ज पर वन-ब्लॉक वन-प्रोडक्ट को विकसित करने के लिए बेहतर कदम उठाने की दिशा में कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती से ज्यादा मुनाफा व्यवसायिक खेती में है। इसलिए उन्हें जागरूक एवं प्रेरित करते हुए आवश्क सुविधा प्रदान किए जाने की आवश्कता है। उपविकास आयुक्त ने कलस्टर स्तर पर खेती को बढ़ावा दिये जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कलस्टर स्तर पर खेती को बढ़ावा मिलने से किसानों को आसानी से बाजार उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही कृषि उत्पादन का बेहतर मुनाफा मिल सकेगा। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, उद्यान पदाधिकारी आदि कृषि विभाग से संबद्ध अन्य विभागों के पदाधिकारियों को अपने स्तर से संबद्ध किसानों का डेटा-बेस तैयार करने एवं किसानों का रजिस्ट्रेशन कराने निदेश दिया। साथ ही सरकार की योजनाओं से अच्छादित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि कौन-कौन से किसान किस खेती से जुड़े हैं, उनका डेटा-बेस तैयार होने से व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने में सहुलियत होगी। उप विकास आयुक्त ने पलामू के किसानों द्वारा स्ट्रॉबेरी, अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, संतरा, आम, मौसंबी आदि की खेती किये जाने की जानकारी प्राप्त करते हुए उनके मुनाफे का आकलन करने का निदेश दिया।

बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी ,जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र, चियांकी के वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, जेएसएलपीएस के डीपीएम, एलडीएम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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