गैंगस्टर अमन साहू पंचतत्व में हुआ विलीन, पिता ने दी मुखाग्नि

गैंगस्टर अमन साहू पंचतत्व में हुआ विलीन, पिता ने दी मुखाग्नि

गैंगस्टर अमन साहू पंचतत्व में हुआ विलीन, पिता ने दी मुखाग्नि

झारखंड की पुलिस जिस गैंगस्टर के एनकाउंटर के बाद अपनी पीठ थपथपा रही है और झारखंड का बच्चा-बच्चा जिसकी मौत के बाद खुश नजर आ रहा है ठीक रांची से लगभग 40 किलोमीटर दूर बुढ़मू प्रखंड में जब गैंगस्टर अमन साहू का अंतिम संस्कार हो रहा था उसे वक्त उसकी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में गांव के सैकड़ो लोग पहुंच कर उनके परिवार को सांत्वना दे रहे थे । ऐसा लग रहा था कि मानो या कोई गैंगस्टर नहीं बल्कि कोई गांव का बड़ा समाज सेवी हो जिसने समाज के लिए कई काम किया हो ।

गैंगस्टर अमन साहू पंचतत्व में हुआ विलीन, पिता ने दी मुखाग्नि

अमन साहू के दाह संस्कार कार्यक्रम में जाते लोग

जैसे ही बुढ़मू प्रखंड के मतवे गांव से अमन साहू के अंतिम यात्रा निकली उसमे सैकड़ो की संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी । हर कोई अमन साहू के परिवार को संतावना देता हुआ दिख रहा था दबी जुबान से यह चर्चा थी कि अपराधी का अंत तो ऐसे ही होता है लेकिन कुछ लोग अमन साहू के परिवार से पूरी तरह सहानुभूति भी रख रहे थे। बताया यह भी जा रहा है कि चुकी पुलिस वहां पर मौजूद नहीं थी इसलिए अमन साहू के कई मित्र भी अमन साहू के अंतिम यात्रा में पहुंचे थे । अमन के पिता निरंजन साहू ने अपने पुत्र को मुखाग्नि दी।

जाहिर है कि बीते दो दिनों से यह चर्चा चल रही थी कि आखिर अमन साहू के डेड बॉडी को उनके परिवार वाले क्यों नहीं रिसीव कर रहे हैं 24 घंटे तक तो यह चर्चा गरम रही की परिवार वाले चाहते हैं कि जिस तरह पुलिस ने पलामू में अमन साहू का एनकाउंटर किया तो पुलिस ही   शव को घर पहुंचा दे लेकिन कल अमन साहू की बॉडी लेने के लिए उसके उनके करीबी पलामू पहुंचे. जिसमें अमन साहू का चचेरा भाई कृष्णा साहू, उसका दोस्त शंकर जायसवाल, जीजा संतोष कुमार और ड्राइवर मिनाज अंसारी शामिल था।

गौरतलब है कि दो दिन पहले यानी मंगलवार को जब गैंगस्टर अमन साहू को पुलिस छत्तीसगढ़ से पुलिस एटीएस की सुरक्षा में  रांची ला रही थी इसी दौरान पलामू जिले में अमन साहू मौके का फायदा देख पुलिस के शिकंजे से भागना चाह रहा था और इसी क्रम में हुए एनकाउंटर में अमन साहू मारा गया था. ATS रायफल से चली गोली से अमन का अंत हो गया था.

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