शराब घोटाले में गिरफ्तार IAS विनय चौबे की होटवार जेल में पहली रात, प्रशासन में हलचल

शराब घोटाले में गिरफ्तार IAS विनय चौबे की होटवार जेल में पहली रात, प्रशासन में हलचल

Author drishtinow | Edited by drishtinow
Updated: Wed, 21 May 2025 12:27 PM (IST)

रांची :आकाश सिंह

रांची : झारखंड के वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे की गिरफ्तारी ने राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मंगलवार, 20 मई 2025 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कथित शराब घोटाले के सिलसिले में विनय चौबे को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में भेज दिया गया, जहां उनकी पहली रात गुजरी।

सूत्रों के अनुसार, विनय चौबे को जेल में सामान्य कैदियों की तरह व्यवहार किया गया। गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच के उपरांत उन्हें जेल में एक सामान्य सेल में रखा गया। जेल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, क्योंकि चौबे एक हाई-प्रोफाइल कैदी हैं। उनकी सेल में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन एक वरिष्ठ IAS अधिकारी के लिए यह अनुभव निश्चित रूप से असामान्य रहा होगा। जेल सूत्रों का कहना है कि चौबे ने रात को सामान्य भोजन लिया और किसी विशेष व्यवस्था की मांग नहीं की।

विनय चौबे पर आरोप है कि उन्होंने उत्पाद विभाग के सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान शराब नीति में अनियमितताएं बरतीं, जिससे झारखंड सरकार को करीब 38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ACB ने छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट के साथ मिलकर नई शराब नीति तैयार करने और अवैध लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया है। उनके साथ उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों को विशेष अदालत ने 3 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

इस मामले की जड़ें छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले से जुड़ी हैं, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) पहले से जांच कर रही थी। ED ने पिछले साल अक्टूबर में चौबे और गजेंद्र सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की थी। रांची के विकास कुमार की शिकायत पर रायपुर में दर्ज FIR में चौबे और अन्य अधिकारियों पर साजिश रचने का आरोप है।

विनय चौबे, जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी अफसरों में से एक माने जाते थे, की गिरफ्तारी ने झारखंड के प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैला दी है। यह पहली बार नहीं है जब झारखंड के IAS अधिकारी जेल गए हैं; इससे पहले पूजा सिंघल और छवि रंजन भी घोटालों के आरोप में होटवार जेल में बंद रहे हैं।

चौबे के वकील देवेश अजमानी ने बताया कि उनके मुवक्किल की स्वास्थ्य स्थिति ठीक नहीं है और उन्होंने कोर्ट में मेडिकल रिपोर्ट पेश की है। हालांकि, ACB का कहना है कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं और जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह मामला झारखंड और छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले की परतें खोल रहा है, और आने वाले दिनों में इसकी जांच और गहरा सकती है। फिलहाल, होटवार जेल में विनय चौबे की रात ने न केवल उनकी व्यक्तिगत जिंदगी में बल्कि झारखंड के प्रशासनिक ढांचे में भी एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

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