रांची का नया फ्लाईओवर: 19 जून को रातू रोड जाम से मुक्ति, 279 करोड़ का फ्लाईओवर बनकर तैयार !
रांची का नया फ्लाईओवर: 19 जून को रातू रोड जाम से मुक्ति, 279 करोड़ का फ्लाईओवर बनकर तैयार !
रांची : नवीन कुमार
रांची, झारखंड की राजधानी, जल्द ही ट्रैफिक जाम से राहत पाने जा रही है! रातू रोड एलिवेटेड फ्लाईओवर का उद्घाटन 19 जून, को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा होगा। यह 3.260 किमी लंबा कॉरिडोर न केवल रांची की सड़कों को सुगम बनाएगा, बल्कि दो प्रमुख नेशनल हाइवे (NH-75 और NH-23) को जोड़ेगा।
आइए जानते हैं, क्यों है यह रांचीवासियों के लिए एक बड़ी सौगात!
क्या है रातू रोड फ्लाईओवर की खासियत?
लंबाई: 3.260 किमी (कुल प्रोजेक्ट 4.18 किमी, जिसमें एप्रोच रोड शामिल)
लागत: 279.40 करोड़ रुपये
निर्माण: KCC बिल्डकॉन द्वारा, NHAI के तत्वावधान में
प्रारंभ: 7 जुलाई, 2022
पूर्णता: 98.70% काम पूरा, 19 जून 2025 में उद्घाटन
लाभ: NH-75 (रांची-डाल्टनगंज) और NH-23 (रांची-गुमला) को जोड़ेगा, जाम से मुक्ति
रांची के ट्रैफिक को कैसे बदलेगा यह फ्लाईओवर?
रातू रोड पर लंबे समय से जाम की समस्या ने स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों को परेशान किया है। यह फ्लाईओवर दिलाएगा :
जाम से राहत: व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक की भीड़ कम होगी।
तेज कनेक्टिविटी: दो नेशनल हाइवे ऊपरी कॉरिडोर से जुड़ेंगे, जिससे यात्रा समय बचेगा।
सुरक्षा और सुविधा: नॉइज बैरियर, लाइटिंग, और चकाचक सड़कें यात्रियों को बेहतर अनुभव देंगी।
स्थानीय निवासी की राय: “जाम की वजह से रोज़ 30 मिनट बर्बाद होते थे। अब फ्लाईओवर से समय और ईंधन दोनों बचेंगे!” – रमेश साहू, रातू रोड दुकानदार
निर्माण की कहानी: मेहनत और मील के पत्थर
NHAI ने इस प्रोजेक्ट की नींव 7 जुलाई, 2022 को रखी थी, और इसे 4 जनवरी, 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था। हालांकि, कुछ देरी के बाद, अब यह जून 2025 में तैयार है। प्रमुख अपडेट्स:
98.70% काम पूरा: रैंप, लाइटिंग, और नॉइज बैरियर लगाए जा चुके हैं।
मंदिर स्थानांतरण: कचहरी के पास मंदिर को NHAI की जमीन पर शिफ्ट करने का काम अंतिम चरण में।
रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण: फ्लाईओवर और नीचे रातू रोड को चमकाया जा रहा है।

क्या कहते हैं रांचीवासी?
हमने स्थानीय लोगों से बात की और जाना कि यह फ्लाईओवर उनके लिए कितना मायने रखता है:
अनिता देवी, ऑटो ड्राइवर: “जाम में फंसने से ग्राहक नाराज़ होते थे। अब तेज़ी से गंतव्य तक पहुंचा सकूंगी।”
राहुल वर्मा, छात्र: “इटकी रोड से कॉलेज जाने में समय बचेगा, जो मेरे लिए बड़ी राहत है।”

















