गिरिडीह: अवैध कोयला खनन के कारण सड़क में भू-धंसान ने बढ़ाई दहशत,,बरवाडीह-कबरीबाद-बनियाडीह सड़क पर बढ़ता खतरा 

गिरिडीह: अवैध कोयला खनन के कारण सड़क में भू-धंसान ने बढ़ाई दहशत,,बरवाडीह-कबरीबाद-बनियाडीह सड़क पर बढ़ता खतरा 

गिरिडीह: अवैध कोयला खनन के कारण सड़क में भू-धंसान ने बढ़ाई दहशत,,बरवाडीह-कबरीबाद-बनियाडीह सड़क पर बढ़ता खतरा

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

गिरिडीह : अभिषेक सहाय

गिरिडीह, : गिरिडीह जिले के बरवाडीह से कबरीबाद होते हुए बनियाडीह तक की सड़क अब यात्रियों के लिए खतरे का सबब बन गई है। बारिश के मौसम में इस सड़क पर भू-धंसान की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। ताजा घटना कबरीबाद माइंस के समीप मुख्य सड़क पर हुई, जहां सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया और एक विशाल गोफ बन गया। इस घटना ने एक बार फिर अवैध कोयला खनन की गंभीर समस्या को उजागर किया है, जो इस क्षेत्र में सड़कों और आसपास के इलाकों को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है।

क्या है ताजा घटना?
पिछले रविवार को कबरीबाद माइंस के पास सड़क पर अचानक भू-धंसान हुआ, जिसके चलते सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह जमींदोज हो गया। इस घटना की सूचना मिलते ही सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के जीएम और परियोजना पदाधिकारी के निर्देश पर माइंस मैनेजर श्रवण कुमार की अगुवाई में बचाव और मरम्मत कार्य शुरू किया गया। धंसे हुए हिस्से को बोल्डर और मिट्टी से भरने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। हालांकि, यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले एक साल में इस सड़क के कबरीबाद से सीसीएल रेस्ट हाउस के बीच के हिस्से में कम से कम पांच बार भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 6 अगस्त 2022, 24 अगस्त 2022, 8 मई 2024 और 13 अगस्त 2024 की घटनाएं शामिल हैं। एक बार तो मरम्मत के दौरान डोजर भी धंसान की चपेट में आ गया था, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

 

गिरिडीह: अवैध कोयला खनन के कारण सड़क में भू-धंसान ने बढ़ाई दहशत,,बरवाडीह-कबरीबाद-बनियाडीह सड़क पर बढ़ता खतरा 

 

अवैध खनन: समस्या की जड़
इस सड़क पर बार-बार हो रहे भू-धंसान का मुख्य कारण कोयले का अवैध खनन है। स्थानीय सूत्रों और सीसीएल अधिकारियों के अनुसार, कबरीबाद क्षेत्र में संगठित गिरोहों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। इस क्षेत्र में पहले अंडरग्राउंड माइंस का संचालन हो चुका है, जिसके कारण जमीन के अंदर बड़े-बड़े खोखले स्थान बन गए हैं। बारिश के दौरान पानी इन खोखले स्थानों में रिसता है, जिससे जमीन कमजोर होकर धंस जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध खनन के कारण न केवल सड़कें बल्कि आसपास के रिहायशी इलाके भी खतरे में हैं।

गिरिडीह: अवैध कोयला खनन के कारण सड़क में भू-धंसान ने बढ़ाई दहशत,,बरवाडीह-कबरीबाद-बनियाडीह सड़क पर बढ़ता खतरा 

इस सड़क को देखकर आप डर जाएंगे

नई सड़क, पुरानी समस्या
गौरतलब है कि बरवाडीह-कबरीबाद-बनियाडीह सड़क का निर्माण कुछ महीने पहले ही पथ निर्माण विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से किया गया था। यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का एक महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन अवैध खनन के कारण इसकी हालत दयनीय हो गई है। बारिश के मौसम में सड़क पर दरारें और गोफ बनने से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर चलते समय हर वक्त खतरे का डर बना रहता है, खासकर रात के समय जब दृश्यता कम होती है।

स्थानीय लोगों में दहशत
कबरीबाद और आसपास के गांवों के निवासियों में इस सड़क की स्थिति को लेकर गहरी नाराजगी और डर का माहौल है। एक स्थानीय निवासी रामेश्वर यादव ने बताया, “यह सड़क हमारी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन अब हर बार इस पर चलने में डर लगता है। बारिश के बाद तो हालत और खराब हो जाती है।” कई लोगों ने प्रशासन से अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक अवैध खनन पूरी तरह बंद नहीं होगा, इस तरह की घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।

प्रशासन और सीसीएल की कार्रवाई
सीसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। माइंस मैनेजर श्रवण कुमार ने बताया कि गोफ को भरने और सड़क को सुरक्षित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, यह उपाय तात्कालिक हैं और विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी समाधान के लिए अवैध खनन पर पूर्ण रोक लगाना जरूरी है। प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है

बरवाडीह-कबरीबाद-बनियाडीह सड़क पर बार-बार हो रहे भू-धंसान ने न केवल सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि अवैध खनन की गंभीर समस्या को भी उजागर किया है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस क्षेत्र में अवैध खनन को रोकने के लिए कड़े कानूनी और तकनीकी उपाय किए जाएं।

जाहिर है स्थानीय लोग प्रशासन और सीसीएल से स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। जब तक अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगती, इस सड़क पर खतरा बना रहेगा।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now