भाजपा का इंडी गठबंधन पर तीखा हमला: “तुष्टिकरण की राजनीति में डूबा गठबंधन, डिंपल यादव के अपमान पर मौन, आफताब के लिए जांच कमिटी”
रांची : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने इंडी गठबंधन पर तुष्टिकरण की राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन वोटबैंक की राजनीति में इस कदर डूब चुका है कि उसे न तो महिला सम्मान की चिंता है और न ही न्याय की मर्यादा का ख्याल। साह ने गठबंधन को “तुष्टिकरण गठबंधन” करार देते हुए कहा कि यह गठबंधन एक समुदाय विशेष के तुष्टिकरण के लिए न्याय और सामाजिक संतुलन तक को कुर्बान करने को तैयार है।
अजय साह ने समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव के साथ हुई अभद्र टिप्पणी का जिक्र करते हुए इंडी गठबंधन की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली की एक मस्जिद में राजनीतिक बैठक के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शाहबुद्दीन रिजवी ने डिंपल यादव के पहनावे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसे बाद में मौलाना साजिद रशीदी ने और भी शर्मनाक तरीके से दोहराया। साह ने पूछा, “जब एक हिंदू महिला सांसद के पारंपरिक पहनावे पर इस तरह की घिनौनी टिप्पणी की जाती है, तब अखिलेश यादव और पूरा इंडी गठबंधन मौन क्यों है? क्या तुष्टिकरण की राजनीति उनके लिए महिला गरिमा से भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है?”
झारखंड के संदर्भ में साह ने कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अंकिता सिंह को जिंदा जलाए जाने, रूबिका पहाड़िया के पचास टुकड़े किए जाने और रूपेश पांडे की मॉब लिंचिंग जैसे जघन्य मामलों पर चुप्पी साधी, लेकिन एक दुष्कर्म के आरोपी आफताब अंसारी की मौत पर तुरंत जांच कमिटी गठित कर दी। साह ने एक कांग्रेस मंत्री पर तंज कसते हुए कहा, “न तो वह अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं, न गृह मंत्री, और न ही रामगढ़ से विधायक, लेकिन जैसे ही किसी मामले में ‘मुस्लिम’ नाम आता है, वह सबसे पहले प्रतिक्रिया देने पहुंच जाते हैं। यह मंत्री झारखंडवासियों की नहीं, बल्कि सिर्फ एक समुदाय की चिंता करते हैं।”
अजय साह ने कहा कि इंडी गठबंधन की नीतियां और रवैया स्पष्ट दर्शाते हैं कि यह गठबंधन केवल वोटबैंक की राजनीति तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली से लेकर झारखंड तक, गठबंधन के नेता हर उस सीमा को लांघ रहे हैं जो न्याय, संविधान और सामाजिक समरसता के लिए जरूरी है। साह ने कहा, “आज का इंडी गठबंधन एक तुष्टिकरण गठबंधन बन चुका है, जो एक समुदाय विशेष के लिए सबकुछ कुर्बान करने को तैयार है।”
साह ने इंडी गठबंधन के नेताओं से सवाल किया कि क्या वे केवल एक समुदाय के वोटों के लिए अपनी नैतिकता और मूल्यों को त्याग देंगे? उन्होंने कहा कि जनता इस दोहरे मापदंड को देख रही है और इसका जवाब आने वाले समय में देगी।


















