हजारीबाग: एनटीपीसी चट्टी बरियातू कोल माइंस में दो गुटों में संघर्ष, हाइवा मालिकों और पूर्व मंत्री के समर्थकों में भिड़ंत
हजारीबाग: एनटीपीसी चट्टी बरियातू कोल माइंस में दो गुटों में संघर्ष, हाइवा मालिकों और पूर्व मंत्री के समर्थकों में भिड़ंत
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हजारीबाग, : झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड में एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल माइंस का कांटा घर मंगलवार (12 अगस्त ) देर शाम रणक्षेत्र बन गया। स्थानीय हाइवा वाहन मालिकों और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के समर्थकों के बीच कोयला ढुलाई को लेकर हुए हिंसक संघर्ष में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज केरेडारी स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल लोगों को हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

क्या है विवाद की जड़?
हाइवा वाहन मालिकों का आरोप है कि 1 अगस्त से योगेंद्र साव और उनके समर्थकों ने चट्टी बरियातू और केरेडारी कोल माइंस से कोयला ढुलाई कार्य को जबरन रोक रखा है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। 11 अगस्त को एक हाइवा मालिक द्वारा अपने वाहन को कोयला ढुलाई के लिए भेजने पर साव के समर्थकों ने कथित तौर पर उसकी पिटाई कर दी। इस घटना के विरोध में मंगलवार को हाइवा मालिकों ने केरेडारी मुख्य चौक पर प्रदर्शन किया और पूर्व मंत्री व उनके समर्थकों के खिलाफ केरेडारी थाना में लिखित शिकायत दर्ज की।

प्रदर्शन के बाद हिंसा भड़की
हाइवा मालिकों के प्रदर्शन और नारेबाजी से आक्रोशित साव के समर्थकों ने उन पर हमला बोल दिया, जिससे दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केरेडारी थाना प्रभारी विवेक कुमार और पगार ओपी प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले को शांत करने की कोशिश की, लेकिन तनाव अब भी बरकरार है।
हाइवा मालिकों की मांग
हाइवा मालिकों ने मांग की है कि कोयला ढुलाई का कार्य तत्काल शुरू किया जाए और उनकी आजीविका को प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, साव के समर्थकों का कहना है कि वे स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए कार्य कर रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
केरेडारी थाना में दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज की गई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
जाहिर है चट्टी बरियातू और केरेडारी कोल माइंस परियोजनाएं एनटीपीसी की महत्वाकांक्षी परियोजनाएं हैं, जो हजारीबाग जिले में रोजगार और राजस्व का प्रमुख स्रोत हैं। और पूर्व मंत्री का दबदबा इस क्षेत्र में हमेशा से रहा है ।

















