दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा: धमाके वाली कार में था आतंकी डॉक्टर उमर, डीएनए टेस्ट से पुष्टि
नई दिल्ली : दिल्ली के रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए विस्फोटक धमाके की जांच में पुलिस को बड़ा सफलता मिली है। फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई है कि धमाके वाली ह्युंडई i20 कार को चला रहे थे पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) के डॉक्टर उमर नबी। उनकी मां के डीएनए सैंपल से धमाके स्थल से मिले अवशेषों का 100 प्रतिशत मैच मिला है। इस आतंकी हमले में 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक घायल हुए हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले को संभाल लिया है और जयश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक मॉड्यूल से इसकी सीधी कड़ी बताई जा रही है। स्रोतों के अनुसार, डॉक्टर उमर नबी अकेले ही कार में सवार थे और धमाके के वक्त उनकी मौत हो गई। रोहिणी फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) में की गई जांच में हड्डियों और दांतों के सैंपल से उनकी पहचान की पुष्टि हुई।
डॉ. उमर उन्नबी (उम्र लगभग 32 वर्ष) मूल रूप से पुलवामा के संबूरा गांव के रहने वाले थे। वे फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में सीनियर डॉक्टर के रूप में कार्यरत थे। परिवार के सदस्यों ने उनकी संलिप्तता पर अविश्वास जताया है। उमर की मां ने कहा, “वह धार्मिक प्रवृत्ति का इंसान था, क्रिकेट का शौकीन था। हमें यकीन नहीं हो रहा कि वह ऐसा कर सकता है।” पुलिस ने 11 नवंबर को पुलवामा में उनके परिवार से पूछताछ की और डीएनए सैंपल लिए। उमर की मां और दो भाइयों को हिरासत में लेकर सैंपल कलेक्ट किए गए।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह धमाका फरीदाबाद में बरामद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है, जहां 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर जैसे विस्फोटक बरामद हुए। डॉ. उमर इसी मॉड्यूल के प्रमुख सदस्य डॉ. मुजम्मिल शकील गनाई (जो गिरफ्तार हो चुका है) के करीबी सहयोगी थे। दोनों जनवरी में रेड फोर्ट का रेकी कर चुके थे।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तारियों की खबर मिलने पर उमर घबरा गए और पैनिक में धमाके को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज में मास्क पहने एक व्यक्ति को कार चलते हुए देखा गया, जो उमर ही था। धमाका 10 नवंबर शाम 6:52 बजे सुभाष मार्ग सिग्नल के पास हुआ, जिसमें आसपास की कई गाड़ियां तबाह हो गईं। विस्फोटक फरीदाबाद से ही लाए गए थे।


















