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सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बालक विद्यालय में विशेष अभिभावक–शिक्षक गोष्ठी, बच्चों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता पर हुआ गहन मंथन

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा : सिमडेगा जिले के सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बालक (एस.एस. विद्यालय) में शनिवार को विशेष अभिभावक एवं शिक्षक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि विधायक सिमडेगा भूषण बाड़ा, विशिष्ट अतिथि उपायुक्त कंचन सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी दीपक राम एवं विद्यालय के प्रधानाध्यापक अब्राहम केरकेटा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि संतोष सिंह, विधायक प्रतिनिधि मो. शकील अहमद सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया, जिसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सुमधुर स्वागत गीत ने पूरे सभागार में सकारात्मक और प्रेरणादायी वातावरण बना दिया।

गोष्ठी में विद्यालय के शैक्षणिक विकास, बच्चों की नियमित उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता, शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, विद्यालय के सौंदरीकरण, शिक्षकों की उपलब्धता एवं आवश्यक संसाधनों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने अभिभावक–शिक्षक बैठकों को घर और विद्यालय के बीच मजबूत सेतु बताते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इसे अत्यंत आवश्यक बताया।

मुख्य अतिथि विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि यह कोई औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर और उद्देश्यपूर्ण संवाद है। उन्होंने अभिभावकों से सवाल करते हुए कहा कि “यदि बच्चों के हाथ में मोबाइल फोन है, तो किताब क्यों नहीं?” उन्होंने चेतावनी दी कि आज शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में बेरोजगारी जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं। विधायक ने कहा कि बच्चे की पहली पाठशाला उसका घर होता है और माता-पिता उसके प्रथम शिक्षक होते हैं, इसलिए उन्हें अनुशासन, संस्कार और जिम्मेदारी भी सिखानी चाहिए।

उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा जताई कि सरकार द्वारा दिए जा रहे बेहतर वेतन और सुविधाओं के पीछे मंशा यही है कि शिक्षक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों के पठन-पाठन एवं बौद्धिक विकास पर ध्यान दें। नियमित गृहकार्य, उसकी जांच और खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों को शिक्षा का अभिन्न अंग बताते हुए उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया।

उपायुक्त कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय वह स्थान है जहां बच्चों के व्यक्तित्व का निर्माण होता है और शिक्षक–विद्यार्थी का संबंध जीवनभर बना रहता है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे प्रत्येक बच्चे को अपना ही बच्चा समझकर बिना भेदभाव के उसके विकास के लिए कार्य करें, वहीं अभिभावकों से संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान की बात कही। इस अवसर पर उपायुक्त ने शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों की नियमित विद्यालय उपस्थिति एवं बेहतर शिक्षा सुनिश्चित कराने की शपथ भी दिलाई।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक अब्राहम केरकेटा ने कहा कि झारखंड सरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक पहल कर रही है। उन्होंने बताया कि विद्यालय को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में चयनित किया गया है, जहां आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सीबीएसई बोर्ड में रूपांतरण से छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अवसर मिल रहा है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय में उत्कृष्ट उपस्थिति दर्ज कराने वाले छात्र-छात्राओं को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि शिक्षक, अभिभावक और प्रशासन मिलकर समन्वय एवं सहयोग से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य करेंगे।

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