झारखंड सरकार युवा प्रतिभाओं के साथ कर रही है धर्म-जाति आधारित भेदभाव: बाबूलाल मरांडी
रांची : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार युवा प्रतिभाओं के साथ धर्म, जाति और वोटबैंक के आधार पर भेदभाव कर रही है। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण और पक्षपातपूर्ण बताया।
मरांडी ने धनबाद जिले के बाघमारा (बलियाडीह) की रहने वाली युवा खिलाड़ी अनु कुमारी का उदाहरण दिया। अनु कुमारी ने चीन में आयोजित पेंटाथलॉन-लेजर रन विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर झारखंड और देश का नाम रोशन किया था। राज्य सरकार ने शुरुआत में नौकरी और इनामी राशि देने की बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थीं, लेकिन आज तक न तो नौकरी मिली है और न ही कोई पुरस्कार राशि।
मरांडी ने कहा, “हमारे राज्य की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर गौरव बढ़ाया, लेकिन सरकार ने उसका हक छीन लिया। वहीं, अगर कोई हिजाब या नकाब पहनने वाली हो, तो सरकार तुरंत 3 लाख रुपये प्रति महीने वाली नौकरी ऑफर कर देती है।”
उन्होंने डॉ. नुसरत परवीन के हालिया मामले का जिक्र किया, जहां बिहार में हिजाब विवाद के बाद झारखंड सरकार ने उन्हें 3 लाख रुपये मासिक वेतन, सरकारी फ्लैट और मनचाही पोस्टिंग वाली नौकरी का प्रस्ताव दिया था। मरांडी ने पूछा कि क्या आदिवासी, मूलवासी, दलित, गरीब और पिछड़े परिवार की बेटियों के साथ ऐसा अन्याय इसलिए क्योंकि उनका वोटबैंक मजबूत नहीं है?
इसके अलावा, उन्होंने एक ताजा घटना का हवाला दिया जहां रांची के धुर्वा इलाके से अपहृत दो बच्चों (अंश और अंशिका) को बजरंग दल के युवा कार्यकर्ताओं ने ढूंढ निकाला और सुरक्षित वापस लौटाया। लेकिन सरकार और पुलिस ने सारा क्रेडिट खुद ले लिया, जबकि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को कोई सम्मान नहीं दिया गया। मरांडी ने इसे “क्रेडिट चोरी” करार दिया।
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई जघन्य अपराध (जैसे बलात्कार) करने वाला आरोपी किसी विशेष समुदाय से हो, तो सरकार मुआवजे की घोषणा कर देती है, लेकिन देशभक्ति और सामाजिक सेवा करने वाले युवाओं के साथ भेदभाव किया जाता है।
बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि झारखंड में युवा प्रतिभाओं के साथ धर्म, जाति और वोटबैंक के आधार पर होने वाला यह अन्याय तत्काल बंद होना चाहिए। उन्होंने सरकार से पारदर्शी नीति अपनाने और सभी योग्य युवाओं को समान अवसर देने की अपील की।


















