पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़। एक करोड़ का इनामी नक्सली अनल दा समेत कई के मारे जाने की सूचना followup
पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़। एक करोड़ का इनामी नक्सली अनल दा समेत कई माओवादी के मारे जाने की सूचना followup
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मुठभेड़ में एक इनामी नक्सली समेत कई नक्सलियों के मारे जाने की खबर।
किरीबुरू–छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुमडी इलाके में हुई मुठभेड़।
जरायकेला थाना क्षेत्र के सामठा में भी एक नक्सली ढेर होने की सूचना।
सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता, इलाके में दहशत का माहौल।
कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किसपोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि की।
सारंडा में पुलिस-नक्सली मुठभेड़, एक इनामी नक्सली समेत कई के मारे जाने की सूचना
पश्चिम सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में एक इनामी नक्सली समेत कई नक्सलियों के मारे जाने की खबर मिल रही है। कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि की है, लेकिन नक्सलियों के मारे जाने की खबर की पुष्टि के लिए जानकारी इकठ्ठा की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मुठभेड़ किरीबुरू और छोटानागरा थाना क्षेत्र के बीच सारंडा जंगल के कुमडी इलाके में हुई है। वहीं दूसरी ओर जरायकेला थाना क्षेत्र के सामठा इलाके से भी एक नक्सली के मारे जाने की सूचना मिल रही है। बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों को इस ऑपरेशन में बड़ी सफलता हाथ लगी है। हालांकि सारंडा जंगल से मिल रही जानकारी के अनुसार मुठभेड़ अभी भी जारी हो सकती है। फायरिंग की खबरों से पूरे जंगल क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
गौरतलब है कि सारंडा जंगल नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां कई इनामी और बड़े नक्सली नेता सक्रिय बताए जाते हैं। इन्हीं की धर-पकड़ को लेकर पुलिस और सुरक्षा बल लगातार सारंडा, कोल्हान और पोड़ाहाट जंगल क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे हैं।
हाल ही में सीआरपीएफ के डीजी ने चाईबासा में एक विशेष बैठक भी की थी, जिसमें नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद यह संकेत मिले थे कि सुरक्षा बल एक बड़े और निर्णायक ऑपरेशन की तैयारी में हैं। इसी क्रम में झारखंड और ओडिशा से बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती सारंडा क्षेत्र में की गई थी।
बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ उसी बड़े ऑपरेशन का हिस्सा हो सकती है, जिसकी आशंका पहले से जताई जा रही थी। नक्सलियों के मारे जाने की खबरों से यह चर्चा तेज हो गई है कि सारंडा जंगल से नक्सलियों के सफाए की दिशा में सुरक्षा बल निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुके हैं।
जहां एक ओर छत्तीसगढ़ जैसे इलाकों में नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, वहीं सारंडा क्षेत्र में अब तक आत्मसमर्पण को लेकर नक्सलियों की ओर से कोई पहल नहीं देखी गई है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, और इसी लक्ष्य के तहत सारंडा क्षेत्र में लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं।
















