झरिया में शर्मनाक घटना: कुत्ते के शौच पर भड़के दुकानदार ने महिला सफाईकर्मी को झाड़ू से पीटा, साड़ी खींची; FIR दर्ज, सफाईकर्मी नाराज

झरिया में शर्मनाक घटना: कुत्ते के शौच पर भड़के दुकानदार ने महिला सफाईकर्मी को झाड़ू से पीटा, साड़ी खींची; FIR दर्ज, सफाईकर्मी नाराज

Share
Link copied

झरिया में शर्मनाक घटना: कुत्ते के शौच पर भड़के दुकानदार ने महिला सफाईकर्मी को झाड़ू से पीटा, साड़ी खींची; FIR दर्ज, सफाईकर्मी नाराज

झरिया में शर्मनाक घटना: कुत्ते के शौच पर भड़के दुकानदार ने महिला सफाईकर्मी को झाड़ू से पीटा, साड़ी खींची; FIR दर्ज, सफाईकर्मी नाराज
अशोक नगर में हुई मारपीट से समाज में आक्रोश, पीड़िता बोलीं- “न्याय चाहिए”; सफाई कर्मियों ने काम बंद कर प्रदर्शन शुरू किया

धनबाद/झरिया, 26 जनवरी झारखंड के धनबाद जिले के झरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत अशोक नगर में एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। एक दुकानदार ने नगर निगम की सफाईकर्मी महिला को सिर्फ इसलिए जमकर पीट दिया क्योंकि उसके दुकान के सामने एक कुत्ते ने शौच कर दिया था और सफाईकर्मी ने उसे तुरंत साफ करने से इनकार कर दिया

पीड़िता मंजू देवी, जो कोयरीबांध की निवासी हैं, रोजाना की तरह सफाई का काम कर रही थीं। दुकानदार ने उन्हें बुलाकर अलग-अलग जगहों पर झाड़ू लगाने को कहा। पास में कुत्ते का शौच देखकर जब वह उसे साफ करने लगीं, तो दुकानदार अचानक भड़क उठा। उसने महिला का झाड़ू छीन लिया, साड़ी खींची और कान, सिर तथा हाथ पर जमकर वार किए। वार इतने जोरदार थे कि महिला के सिर से खून बहने लगा और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।पीड़िता मंजू देवी ने घटना का ब्यौरा देते हुए कहा,
“मैं अपना नियमित काम कर रही थी। दुकानदार ने झाड़ू छीन लिया, साड़ी पकड़कर खींचा और मुझे बुरी तरह पीटा। बहुत दर्द हो रहा है। मुझे न्याय चाहिए।”

घटना के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने जोरदार हंगामा किया। पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जबकि परिजनों ने झरिया थाने पहुंचकर आरोपी दुकानदार के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।इस बीच, इलाके के सफाईकर्मियों ने घटना का कड़ा विरोध जताते हुए अपना काम पूरी तरह बंद कर दिया है। वे सख्त कार्रवाई और सफाई कर्मियों (खासकर महिलाओं) की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। कई संगठनों और स्थानीय निवासियों ने भी इस घटना की निंदा की है और इसे मेहनतकश वर्ग के साथ होने वाले अत्याचार का प्रतीक बताया है।

ABOUT THE AUTHOR
drishtinow

drishtinow