जमुई में ट्रेन से शराब तस्करी का बड़ा खुलासा: महिला गिरोह का भंडाफोड़, 'बुआ' निकली मुख्य सरगना

जमुई में ट्रेन से शराब तस्करी का बड़ा खुलासा: महिला गिरोह का भंडाफोड़, ‘बुआ’ निकली मुख्य सरगना

जमुई में ट्रेन से शराब तस्करी का बड़ा खुलासा: महिला गिरोह का भंडाफोड़, ‘बुआ‘ निकली मुख्य सरगना

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जमुई में ट्रेन से शराब तस्करी का बड़ा खुलासा: महिला गिरोह का भंडाफोड़, 'बुआ' निकली मुख्य सरगना

जमुई,  – बिहार के जमुई जिले में शराबबंदी के सख्त नियमों के बावजूद अंतर-राज्यीय शराब तस्करी का एक संगठित और हाईटेक नेटवर्क उजागर हुआ है। जीआरपी (Government Railway Police) ने पटना-धनबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस से उतर रही एक महिला तस्कर को धर दबोचा, जिसके बाद पूछताछ में एक महिला-आधारित गिरोह का पूरा राज खुल गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान रूपा कुमारी पति: ओमप्रकाश कुमार, निवासी: धनबाद, झारखंड के रूप में हुई है।

यह कार्रवाई बुधवार 29 जनवरी 2026 को जमुई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर की गई। गुप्त सूचना के आधार पर जीआरपी थाना प्रभारी मनोज देव के नेतृत्व में सादे लिबास में तैनात विशेष टीम ने महिला जवानों जुली कुमारी, मुस्कान कुमारी, अनु कुमारी, प्रेरणा सिंह, रीता देवी के साथ घेराबंदी की।

रूपा शराब से भरा बैग लेकर ट्रेन से उतर रही थी, जिसे जब्त कर लिया गया। उसकी साथी मौके से फरार हो गईं।पूछताछ में रूपा ने खुलासा किया कि यह गिरोह पिछले एक साल से सक्रिय था। इसमें आधा दर्जन से अधिक महिलाएं और युवतियां शामिल हैं।

पूरा नेटवर्क धनबाद की खुशबू देवी चला रही थीं, जो रूपा की रिश्ते में ‘बुआ’ लगती हैं। झारखंड और पश्चिम बंगाल से शराब मंगवाकर पटना-धनबाद एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के जरिए बिहार के विभिन्न इलाकों—जमुई, झाझा, गिद्धौर, चकाई, मंझवे आदि—में सप्लाई की जा रही थी। हर खेप पर तस्करों को 2 से 5 हजार रुपये तक कमीशन मिलता था।महिला होने का फायदा उठाकर जांच से बचने की रणनीति अपनाई जाती थी, इसलिए इसे ‘हाईटेक महिला-आधारित तस्करी रैकेट’ कहा जा रहा है।

पुलिस ने शराब के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया है। फरार सदस्यों, खासकर मुख्य सरगना खुशबू देवी और अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी जारी है। कुछ स्थानीय रिसीवर भी पुलिस को देखकर बाइक छोड़कर भाग गए।यह गिरफ्तारी बिहार में शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जो अंतर-राज्यीय नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जीआरपी ने आगे की जांच तेज कर दी है और बड़े खुलासों की उम्मीद जताई है।

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