होटवार जेल में माओवादी नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा का निधन, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

जेल में बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत
सूत्रों के अनुसार, किशन दा की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद जेल प्रशासन ने उनके इलाज की व्यवस्था की थी। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
माओवादी संगठन के बड़े रणनीतिकार थे
प्रशांत बोस को माओवादी संगठन का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता था। वे लंबे समय से वाम उग्रवाद से जुड़े रहे और संगठन के शीर्ष नेतृत्व में उनकी गिनती होती थी। झारखंड समेत कई राज्यों में उनके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज थे।
गिरफ्तारी थी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता
करीब पांच साल पहले झारखंड पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि माना गया था, क्योंकि वे लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बने हुए थे।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, एजेंसियां सतर्क
प्रशांत बोस के निधन के बाद किसी भी संभावित प्रतिक्रिया की आशंका को देखते हुए रांची समेत पूरे झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।

















