रांची के सभी अंचलों में हर मंगलवार ‘जनता दरबार’, 600+ आवेदनों का त्वरित निपटारा
रांची : रांची जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए हर मंगलवार को अंचल स्तर पर आयोजित होने वाला ‘जनता दरबार’ प्रभावी साबित हो रहा है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर जिले के सभी अंचलों में नियमित रूप से इसका आयोजन किया जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उपायुक्त स्वयं हर सोमवार को समाहरणालय में जनता दरबार लगाते हैं, जबकि मंगलवार को सभी अंचलों में यह व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य प्रशासन को सीधे आम जनता तक पहुंचाना और समस्याओं का मौके पर समाधान करना है।
इस पहल के तहत भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, आवास योजना, जल-बिजली-सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का तेजी से निपटारा किया जा रहा है। कई मामलों में ऑन-द-स्पॉट समाधान भी किया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जनता दरबार में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। यदि कोई शिकायत दोबारा आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को आयोजित जनता दरबार में विभिन्न अंचलों में बड़ी संख्या में आवेदनों का निष्पादन हुआ। जिनमें, ईटकी: 61 आवेदन, राहे: 60 आवेदन, सोनाहातु: 63 आवेदन, चान्हो: 107 आवेदन, सिल्ली: 55 आवेदन, मांडर: 102 आवेदन, रातु: 164 आवेदन, खलारी: 61 आवेदन, बेड़ो: 191 आवेदन शामिल हैं।
इनमें आवासीय, जाति, आय प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, पंजी-II सुधार, पारिवारिक सदस्यता, पेंशन और अन्य राजस्व मामलों का निष्पादन शामिल है। सोनाहातु अंचल में ग्राम बरेन्दा के अतुल प्रसाद महतो को वज्रपात से मृत दो पशुओं के लिए 50 हजार रुपये का मुआवजा भी प्रदान किया गया।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस पहल से न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि आम जनता का भरोसा भी मजबूत हुआ है। लक्ष्य है कि हर नागरिक को समय पर न्याय और सुविधाएं मिलें और किसी को भी अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े।

















