Prince khan

प्रिंस खान व्यपारियो के लिए खौफ : अब मेन रोड के कारोबारी से मांगी 10 करोड़ की फिरौती

Prince khan
File

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले कुछ समय से अपराध का एक ऐसा पैटर्न उभर कर सामने आया है, जिसने पुलिस और व्यवसायियों के बीच खलबली मचा दी है। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से जुड़ा कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान अब दुबई में बैठकर रांची के नामी-गिरामी कारोबारियों को धमकी दे रहा है। रंगदारी की मांग और जान से मारने की धमकियों ने शहर के व्यावसायिक माहौल में डर की दीवार खड़ी कर दी है।

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प्रमुख मामले: निशाने पर हैं रसूखदार व्यापारी।

हाल के दिनों में प्रिंस खान ने शहर के प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है: आज का ताजा मामला

व्यवसायी कृष्ण गोपालका: इस बड़े नामचीन व्यवसायी से 10 करोड़ की भारी-भरकम राशि मांगी गई। धमकी में उनके पुत्र को भी निशाना बनाने की बात कही गई, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

इससे पहले

2 पाल ब्रदर्स ज्वेलर्स: मेन रोड स्थित इस बड़े ज्वेलरी शोरूम के मालिक सुमन पाल से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई।

इससे पहले 

3. होटल और अन्य प्रतिष्ठान: इससे पूर्व ‘होटल कैपिटॉल हिल’ और ‘जलजोगा’ जैसे लोकप्रिय प्रतिष्ठानों के मालिकों को भी इसी प्रकार धमकियां मिल चुकी हैं।

हालांकि लालपुर थाने में दर्ज एफआईआर के बाद रांची पुलिस सक्रिय हुई है। हालांकि, जांच में कई तकनीकी बाधाएं हैं:

इंटरपोल और कानूनी सीमाएं: प्रिंस खान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी है, लेकिन वह अब भी पकड़ से बाहर है।

अंतरराष्ट्रीय कानूनों और प्रत्यर्पण की जटिल प्रक्रियाओं के कारण उसे दुबई से वापस लाना पुलिस के लिए एक लंबी लड़ाई है।
साइबर सेल की भूमिका: पुलिस की साइबर सेल इन विदेशी नंबरों के आईपी एड्रेस (IP Address) और ट्रांजेक्शन रूट को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसा देने का दबाव किस माध्यम से बनाया जा रहा है।

स्थानीय नेटवर्क की तलाश:पुलिस का मानना है कि प्रिंस खान के इशारे पर काम करने वाले स्थानीय गुर्गों की पहचान करना ही इस समस्या का एकमात्र स्थाई समाधान है।

रांची के चैंबर ऑफ कॉमर्स और स्थानीय व्यापारी संगठनों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। व्यापारियों का कहना है कि यदि शहर के मुख्य केंद्र (मेन रोड) पर स्थित बड़े प्रतिष्ठान सुरक्षित नहीं हैं, तो आम छोटे व्यापारियों का क्या होगा? व्यापारियों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से विशेष सुरक्षा घेरे की मांग की है।

तकनीक का इस्तेमाल और खौफ का नया तरीका

प्रिंस खान की कार्यप्रणाली बेहद सोची-समझी और डराने वाली है। वह सीधे संपर्क करने के बजाय डिजिटल और अंतरराष्ट्रीय माध्यमों का सहारा ले रहा है:

विदेशी नंबरों का जाल: गैंगस्टर आमतौर पर +971 (यूएई/दुबई) कोड वाले नंबरों से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज भेजता है। इसके चलते स्थानीय पुलिस के लिए इन्हें ट्रैक करना एक बड़ी चुनौती बन गई है।

निगरानी का मनोवैज्ञानिक दबाव: पीड़ित व्यापारियों को केवल धमकी ही नहीं दी जाती, बल्कि उनके घर और प्रतिष्ठान के वीडियो तक भेजे जाते हैं। इससे यह साबित होता है कि गैंगस्टर का एक स्थानीय ‘स्लीपर सेल’ या मुखबिर तंत्र रांची में सक्रिय है जो व्यापारियों की रेकी (निगरानी) कर रहा है।

हिंसा का प्रदर्शन: रंगदारी न देने पर फायरिंग के वीडियो और हथियारों के प्रदर्शन के माध्यम से व्यापारियों के मन में यह विश्वास पैदा किया जाता है कि खतरा वास्तविक और निकट है।

कौन है प्रिंस खान?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार धनबाद के वासेपुर का रहने वाला प्रिंस खान कभी एक छोटा अपराधी था, लेकिन आज वह संगठित अपराध की दुनिया का बड़ा चेहरा बन चुका है। वह अपनी पहचान ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के एक खतरनाक सदस्य के रूप में बनाता है। पिछले दो सालों से वह दुबई में बैठकर ही अपनी गैंग को लीड कर रहा है। धनबाद के अलावा अब उसका ध्यान रांची की ओर मुड़ना पुलिस के लिए एक गंभीर संकेत है।

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