ट्रेजरी घोटाले में सरायकेला में हड़कंप: DC ने 4 घंटे तक खंगाला ट्रेजरी, अंधेरे में टॉर्च जलाकर हुई फाइलों की जांच
ट्रेजरी घोटाले में सरायकेला में हड़कंप: DC ने 4 घंटे तक खंगाला ट्रेजरी, अंधेरे में टॉर्च जलाकर हुई फाइलों की जांच
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सरायकेला: झारखंड के बोकारो कोषागार (Treasury) से निकले कथित भ्रष्टाचार के मामले ने अब पूरे राज्य के प्रशासनिक महकमे को अलर्ट कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त (DC) नितीश कुमार सिंह ने जिला कोषागार और स्ट्रांग रूम का करीब चार घंटे तक सघन निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से जिला मुख्यालय में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगी रोक
जांच की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निरीक्षण के दौरान पूरे कोषागार परिसर को छावनी में बदल दिया गया था। किसी भी बाहरी व्यक्ति या अनाधिकृत कर्मचारी के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई थी। उपायुक्त ने खुद एक-एक अभिलेख (Records) की बारीकी से पड़ताल की।
अंधेरे में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुई जांच
निरीक्षण के दौरान एक नाटकीय मोड़ तब आया जब अचानक खराब मौसम की वजह से बिजली गुल हो गई। हालांकि, उपायुक्त ने जांच नहीं रोकी और मोबाइल व टॉर्च की रोशनी में ही बेसमेंट में बने स्ट्रांग रूम और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का मिलान जारी रखा। इस दौरान उनके साथ एडीसी जयवर्धन कुमार और जिला कोषागार पदाधिकारी अपर्णा सिंह भी मौजूद रहीं।
DC बोले- ‘एहतियातन की जा रही है जांच’
मीडिया से बातचीत करते हुए उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने इसे एक रूटीन प्रक्रिया बताया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अन्य जिलों में सामने आए कोषागार मामलों को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
उन्होंने कहा:
“फिलहाल किसी बड़े घोटाले के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन कुछ तकनीकी अनियमितताएं पाई गई हैं जिन्हें सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट आने के बाद ही साझा किया जाएगा।”
शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के निकासी पर नजर
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में हुई हालिया निकासियों की गहराई से जांच कर रहा है। हालांकि उपायुक्त ने तत्काल किसी बड़ी गड़बड़ी से इनकार किया है, लेकिन जिस तरह से विभिन्न विभागों के कर्मचारी फाइलों के साथ भागते नजर आए, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासनिक सतर्कता
बोकारो मामले के बाद झारखंड सरकार के निर्देश पर सभी जिलों में ट्रेजरी ऑडिट को लेकर सख्ती बरती जा रही है। सरायकेला में हुई इस 4 घंटे की लंबी जांच ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन अब किसी भी वित्तीय चूक को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।















