शराब घोटाला: बाबूलाल मरांडी ने ACB की ‘सुस्ती’ पर उठाए सवाल, सबूत मिटाने का लगाया आरोप।
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शराब घोटाले की जांच में हो रही देरी पर राज्य सरकार और ACB को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि आधी रात को सबूत मिटाए गए हैं, लेकिन डिजिटल साक्ष्य घोटालेबाजों को नहीं छोड़ेंगे।
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नवीन कुमार
झारखंड शराब घोटाल: “फाइलें जल सकती हैं, पर डिजिटल ट्रेल नहीं,” बाबूलाल मरांडी ने जांच एजेंसी की मंशा पर उठाए सवाल
रांची: झारखंड के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच प्रक्रिया को लेकर हेमंत सोरेन सरकार और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने जांच की धीमी गति को ‘रहस्यमयी’ करार दिया और भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
प्रक्रिया या प्रोटेक्शन?” – मरांडी का सीधा सवाल
मरांडी ने सवाल उठाया कि जब ACB ने खुद अपनी शुरुआती जांच में सैकड़ों-हजारों करोड़ के घोटाले की पुष्टि कर दी है, तो फिर मामला आगे क्यों नहीं बढ़ रहा? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पूर्व सचिव की गिरफ्तारी और बड़े अधिकारियों के बयान दर्ज होने के बावजूद अब तक एक भी चार्जशीट दाखिल नहीं होना कानून के साथ मजाक है।उन्होंने पूछा, आखिर यह देरी महज एक ‘प्रक्रिया’ है या रसूखदारों को दिया जा रहा ‘प्रोटेक्शन’?
आधी रात को सबूत मिटाने का गंभीर आरोप
मरांडी ने अपने पोस्ट में सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि उत्पाद विभाग से आधी रात को सबूत मिटाने की कोशिश की गई है। उन्होंने घोटालेबाजों को आगाह करते हुए कहा:
“शायद वे भूल गए हैं कि हम डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक तकनीक के युग में जी रहे हैं। कागजी फाइलों को जलाया जा सकता है, लेकिन डिजिटल ट्रेल (Digital Trail) को पूरी तरह मिटाना नामुमकिन है।”
जांच अधिकारी भी आएंगे घेरे में!
नेता प्रतिपक्ष ने न केवल सरकार, बल्कि जांच एजेंसी (ACB) की कार्यशैली पर भी उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जांच को दबाने या धीमी करने की कोशिश हो रही है, भविष्य में उच्च स्तरीय एजेंसियां और अदालतें खुद जांच अधिकारियों से जवाबदेही मांगेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच का गला घोंटने वाले अधिकारी भी बख्शे नहीं जाएंगे।
हिसाब सबका होगा
झारखंड की जनता को आश्वस्त करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वालों को भागने का रास्ता नहीं मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि न्याय की प्रक्रिया भले ही धीमी हो, लेकिन वह परिणाम तक जरूर पहुंचेगी। उनका यह बयान राज्य की सियासत में हलचल तेज करने वाला है, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
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