सिमडेगा में स्व-गणना कार्यक्रम का शुभारंभ, जनभागीदारी पर जोर

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : सिमडेगा के नगर भवन में भारत की जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना (Self Enumeration) कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक भूषण बाड़ा, उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे, नगर परिषद अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा, उपाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल, अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र और आईटीडीए परियोजना निदेशक सरोज तिर्की समेत अन्य जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई, जहां उन्हें पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी गौरव कुमार ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया का विस्तार से प्रदर्शन किया। उपस्थित लोगों को जनगणना से जुड़े 32-33 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई और उन्हें भरने की विधि समझाई गई। प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्मार्टफोन से लाइव प्रक्रिया देखते हुए स्व-गणना भी पूरी की।
सबसे पहले विधायक भूषण बाड़ा ने स्वयं स्व-गणना कर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास की आधारशिला है। सटीक आंकड़ों के आधार पर ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाई जाती है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और आम नागरिकों से जनगणना कर्मियों का सहयोग करने की अपील की।
उपायुक्त कंचन सिंह ने जनगणना को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए कहा कि इसे जन-अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि इस बार डिजिटल माध्यम और स्व-गणना सुविधा से प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और सटीक होगी। उन्होंने 1 से 15 मई 2026 तक चलने वाले अभियान में सभी नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे ने कहा कि जनगणना के आंकड़े नीति निर्माण और संसाधनों के उचित आवंटन में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने डिजिटल माध्यम को पारदर्शिता बढ़ाने वाला बताते हुए पुलिस अधिकारियों को अफवाह और साइबर दुरुपयोग पर नजर रखने के निर्देश दिए।
अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र ने जनगणना को सुशासन की आधारशिला बताते हुए सभी नागरिकों से सही जानकारी उपलब्ध कराने और अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में भूमि सुधार उप समाहर्ता अरुणा कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया और इसे सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने एसएलबीएल डिमार्केशन एवं जियो-टैगिंग कार्य समय से पहले पूरा करने वाले कर्मियों की सराहना की।
















