Old pattern on new hopes: Public upset with City Council's evasive working style

नई उम्मीदों पर पुराना ढर्रा: नगर परिषद की टालमटोल कार्यशैली से जनता परेशान

Old pattern on new hopes: Public upset with City Council's evasive working style
Old pattern on new hopes: Public upset with City Council’s evasive working style

शंभू कुमार सिंह

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सिमडेगा में नई और ऊर्जावान नगर परिषद के गठन के बाद लोगों को शहर की सफाई, जलनिकासी और बुनियादी समस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद थी। लेकिन नगर परिषद की कार्यशैली में अब तक अपेक्षित बदलाव नहीं दिख रहा है। आम जनता की शिकायतों पर कार्रवाई में हो रही देरी और टालमटोल रवैये से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

नगर परिषद की पहली बैठक में ही बोर्ड के उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल उर्फ रिंकू और वार्ड सदस्य चंदन डे ने कार्यपद्धति में सुधार और जनसमस्याओं को प्राथमिकता देने की बात उठाई थी। हालांकि, यह चर्चा बैठक तक ही सीमित रह गई और जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।

खैरन टोली में जाम पुलिया से बढ़ी परेशानी

खैरन टोली निवासी मोहम्मद मेराज ने बताया कि उन्होंने चुनाव से पहले भी कई बार क्षेत्र की जाम पुलिया और नाली सफाई को लेकर शिकायत की थी। खैरन टोली रोड स्थित पुलिया जाम रहने से खेतों में गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे मलेरिया, डायरिया समेत कई संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।

मेराज के अनुसार, उन्होंने 5 मई को नगर परिषद कार्यालय में लिखित आवेदन भी दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। गंदे पानी के जमाव से स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि वार्ड पार्षद हीरू से भी कई बार आग्रह किया गया, लेकिन समाधान नहीं निकला। मामला मीडिया में आने के बाद वार्ड पार्षद रोसा ने आश्वासन दिया कि दो-चार दिनों में सफाई कार्य कराया जाएगा।

वार्ड संख्या चार में भी अधूरी सफाई

वार्ड संख्या चार में भी जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। वार्ड पार्षद रिश्माला देवी और उनके पति कुंवर गोप ने करीब दस दिन पहले सलडेगा से राने टोली मोड़ तक जाम नालियों की सफाई का निर्देश दिया था। कुछ स्थानों पर सफाई कार्य हुआ, लेकिन नालियों से पानी की निकासी अब भी सुचारू नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई अभियान अधूरा छोड़ दिया गया है।

आदर्श नगर साहू मोहल्ला में जलजमाव का खतरा

आदर्श नगर साहू मोहल्ला की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। यहां शहर का गंदा पानी खेतों में जमा हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात की पहली बारिश में ही मोहल्ला जलमग्न होने की स्थिति में पहुंच जाता है। इसके बावजूद सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

बरसात से पहले व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग

शहरवासियों का कहना है कि नई परिषद से उन्हें बेहतर व्यवस्था और त्वरित समाधान की उम्मीद थी, लेकिन अब तक जमीनी बदलाव नजर नहीं आ रहा है। लोगों ने मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले शहर की नालियों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, अन्यथा कई इलाकों में गंभीर जलजमाव और बीमारी फैलने का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

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