ग्रामीण विकास को रफ्तार: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पंचायती राज और ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा की
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज एक उच्च-स्तरीय बैठक में पंचायती राज विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सरकारी सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में कोई कोताही न बरती जाए।
बैठक के मुख्य बिंदु:
पंचायतों में ठोस कचरा प्रबंधन: मुख्यमंत्री ने पंचायत भवनों में ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट’ के लिए प्रभावी कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने सूखा एवं गीला कचरा अलग करने और प्लास्टिक पृथक्करण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया।
सामाजिक सरोकार और सुरक्षा: पंचायतों के माध्यम से बाल विवाह और महिला हिंसा जैसी कुरीतियों की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने और हेल्पलाइन्स की जानकारी सुलभ कराने को कहा गया।
पारदर्शिता और डिजिटल सेवाएं: पंचायत सचिवालयों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के निर्देश दिए गए ताकि ग्रामीणों को प्रमाण-पत्रों और अन्य सेवाओं के लिए अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें। साथ ही, भवनों में बिजली, पानी और स्वच्छता की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया।
ग्रामीण सड़क संपर्क: ग्रामीण कार्य विभाग को सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी ही गांवों की आर्थिक प्रगति का आधार है।
सीधा संवाद: बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से बरहेट स्थित पंचायत सचिवालय का जायजा लिया और वहां की एक महिला लाभुक से बात कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

















