दक्षिण छोटानागपुर के पेट्रोलियम डीलर्स ने उठाए तेल आपूर्ति और नीतिगत बदलावों के मुद्दे, जल्द करेंगे अधिकारियों से मुलाकात

दक्षिण छोटानागपुर के पेट्रोलियम डीलर्स की वार्षिक आमसभा (एजीएम) रविवार को आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के सभी प्रमुख पेट्रोल पंप संचालकों ने भाग लिया। बैठक में तेल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं, ऑयल कंपनियों की नीतियों और डीलरों के सामने आ रही विभिन्न चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन, दक्षिण छोटानागपुर के अध्यक्ष राजहंस मिश्रा ने कहा कि ऑयल कंपनियां सभी पेट्रोल पंपों को समान मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराने का दावा करती हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग है। कई डीलरों को पहले की तुलना में कम मात्रा में ईंधन की आपूर्ति की जा रही है, जिससे उनके व्यवसाय और संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले अधिकांश पेट्रोल पंपों पर कम से कम तीन दिनों का अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध रहता था, लेकिन वर्तमान में कई पंपों के टैंक लगभग खाली होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। समय पर आपूर्ति नहीं मिलने पर उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बैठक में डीलरों ने यह भी शिकायत की कि ऑयल कंपनियां कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय बिना पूर्व सूचना के लागू कर देती हैं। इससे पेट्रोल पंप संचालकों को संचालन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और ग्राहकों की सेवा भी प्रभावित होती है।
राजहंस मिश्रा ने बताया कि कुछ महीने पहले तक स्कूलों, अस्पतालों, अपार्टमेंट्स और अन्य संस्थानों को जरीकैन के माध्यम से ईंधन उपलब्ध कराया जाता था, लेकिन सुरक्षा और जोखिम का हवाला देते हुए ऑयल कंपनियों ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया है। इससे कई संस्थानों को वैकल्पिक व्यवस्था करने में दिक्कतें आ रही हैं।
बैठक में उपस्थित डीलरों ने अपनी-अपनी समस्याओं को खुलकर रखा और समाधान के लिए सामूहिक रणनीति पर चर्चा की। एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों को लेकर जल्द ही संबंधित ऑयल कंपनियों और एसएलसी के अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि एजीएम में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और आगामी रणनीति की आधिकारिक घोषणा भी जल्द की जाएगी। पेट्रोलियम डीलर्स का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं किया गया तो ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है।

















