10 सूत्री मांगों को लेकर डिजिटल पंचायत प्रज्ञा केंद्र संचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : झारखंड प्रदेश डिजिटल पंचायत सचिवालय प्रज्ञा केंद्र संचालक संघ की जिला इकाई सिमडेगा के बैनर तले पंचायत सचिवालयों में कार्यरत डिजिटल पंचायत प्रज्ञा केंद्र संचालकों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन डिजिटल हड़ताल शुरू कर दी है। संघ ने इस संबंध में उपायुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की जानकारी दी।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि राज्यभर के पंचायत सचिवालयों में कार्यरत संचालक लंबे समय से कम मानदेय, संसाधनों की कमी और आउटसोर्सिंग कंपनी की कथित मनमानी नीतियों के बीच कार्य करने को मजबूर हैं। कई बार मांगें उठाए जाने के बावजूद समाधान नहीं होने पर संचालकों ने लोकतांत्रिक तरीके से हड़ताल का निर्णय लिया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि हड़ताल के दौरान डिजिटल पंचायत परियोजना से जुड़े सरकारी कार्य प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन संचालक डिजिटल उपस्थिति (डिजिटल अटेंडेंस) का बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों और प्रखंडों में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे।
संचालकों की प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग कंपनी सीएससी ई-गवर्नेंस इंडिया लिमिटेड की कथित शोषणकारी नीतियों पर रोक, पंचायत सचिवालयों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, पूर्व में हटाए गए संचालकों की पुनर्बहाली, लंबित सुविधाओं का भुगतान, आधार सेवा संचालन के लिए उपकरण उपलब्ध कराना तथा मानदेय में वृद्धि शामिल है।
संघ का आरोप है कि वर्तमान में संचालकों को मात्र 2475 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो न्यूनतम मजदूरी से भी कम है। इसके अलावा पंचायत सचिवालयों में इंटरनेट, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कार्य निष्पादन में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अध्यक्ष शिशिर टोप्पो ने कहा कि यदि सरकार और संबंधित विभागों द्वारा मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से संचालकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
हड़ताल की शुरुआत के मौके पर जिला सचिव पुरुषोत्तम दास, जिला प्रवक्ता अमित कुमार, जिला कोषाध्यक्ष निलेश कुमार, सह सचिव यशवंत रावत, उपाध्यक्ष बसंती टोप्पो, बसंत सामद, सुरेश बड़ाइक, उप कोषाध्यक्ष नूतन लाल सहित बड़ी संख्या में प्रज्ञा केंद्र संचालक मौजूद रहे।
















