Simdega mangoes reach London with environmental protection, increasing income for farmers and women's groups

पर्यावरण संरक्षण के साथ सिमडेगा का आम पहुंचा लंदन, किसानों और महिला समूहों की बढ़ी आय

Simdega mangoes reach London with environmental protection, increasing income for farmers and women's groups
Simdega mangoes reach London with environmental protection, increasing income for farmers and women’s groups

शंभू कुमार सिंह

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सिमडेगा: जिले में पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनरेगा के तहत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना अब किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए आय का मजबूत माध्यम बनती जा रही है। योजना के तहत लगाए गए आम के बागानों में अब फल उत्पादन शुरू हो गया है और इन उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।

जिला प्रशासन के प्रयासों से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) और प्रदान संस्था के सहयोग से इस वर्ष जिले में उत्पादित आम्रपाली, मालदा और लंगड़ा किस्म के आम देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों तक पहुंच रहे हैं।

जिले के विभिन्न प्रखंडों में उत्पादित आम की खरीद मोरेवीरा, राजीव सिंह फ्रूट्स, जेडीबी एग्रो फ्रेश समेत अन्य एजेंसियों द्वारा की जा रही है। अब तक लगभग 17 टन आम उत्तर प्रदेश, जमशेदपुर, कोलकाता समेत कई शहरों और राज्यों के बाजारों में भेजे जा चुके हैं। गुणवत्ता के आधार पर किसानों और महिला समूहों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल रहा है।

स्थानीय स्तर पर भी बाजार उपलब्ध कराने के लिए जेएसएलपीएस के माध्यम से जिले के विभिन्न स्थानों पर महिला मंडलों द्वारा आम बिक्री स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के जरिए खुदरा बिक्री होने से किसानों की आमदनी में वृद्धि हो रही है और स्थानीय उपभोक्ताओं को ताजा एवं गुणवत्तापूर्ण आम उपलब्ध हो रहे हैं।

उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि मनरेगा के तहत विकसित बागवानी परियोजनाएं सरकार, किसानों और महिला मंडलों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम हैं। इससे जिले में हरियाली बढ़ने के साथ पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और महिलाएं एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इन पहलों से भू-जल स्तर में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।

उपायुक्त ने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित आम बागान आने वाले वर्षों में किसानों की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि सिमडेगा का आम अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिले से आम की एक खेप लंदन के लिए रवाना की गई, जो कोलकाता के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेगी।

उन्होंने इसे किसानों, महिला समूहों और प्रशासन के साझा प्रयासों की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल भविष्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now