लालू-राबड़ी की सुरक्षा में कटौती पर भड़के राजद प्रवक्ता कैलाश यादव, बोले- बदले की भावना से काम कर रही भाजपा

रांची : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में कथित कटौती को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भाजपा और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। झारखंड प्रदेश राजद के प्रवक्ता कैलाश यादव ने शनिवार को जारी प्रेस बयान में इसे राजनीतिक प्रतिशोध और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कैलाश यादव ने कहा कि भाजपा घटिया मानसिकता और ओछी राजनीति का परिचय दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और भाजपा शासित राज्यों में विपक्षी नेताओं को अलोकतांत्रिक तरीके से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की जेड प्लस सुरक्षा व्यवस्था में कटौती करना बेहद चिंताजनक और निंदनीय कदम है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि हाल के दिनों में पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली कराने के लिए लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे कदम विपक्षी नेताओं के खिलाफ राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होते हैं।
कैलाश यादव ने कहा कि लालू प्रसाद यादव सामाजिक न्याय के प्रणेता हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सामाजिक उन्माद फैलाने और समाज को उकसाने की कोशिश कर रही है। यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है तो जनता लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के समर्थन में सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
उन्होंने कहा कि राजद के कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है और जनता की अदालत में फैसला लेने की बात कही है।
कैलाश यादव ने मांग की कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की भी वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।
राजद प्रवक्ता ने केंद्र और बिहार सरकार से लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने तथा विपक्षी नेताओं के खिलाफ कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई बंद करने की मांग की।

















