जमशेदपुर: रुंगटा स्टील प्लांट हादसे में झुलसे मजदूर रतन घोष का निधन, 15 लाख मुआवजे पर बनी सहमति
नीरज तिवारी
जमशेदपुर : सरायकेला जिले के राजनगर थाना क्षेत्र स्थित रुंगटा स्टील प्लांट में कार्य के दौरान भीषण रूप से झुलसे ठेका मजदूर रतन घोष (48 वर्ष) ने शनिवार सुबह टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में अंतिम सांस ली। जमशेदपुर के परसुडीह निवासी रतन घोष की मौत की खबर के बाद से इलाके में शोक की लहर है।
क्या था मामला?
रतन घोष प्लांट में कार्यरत ठेका एजेंसी ‘श्रीशिवा कंस्ट्रक्शन एंड प्रोजेक्ट’ के माध्यम से मजदूरी करते थे। बीते 31 मई को ड्यूटी के दौरान वे गर्म तरल पदार्थ की चपेट में आ गए थे, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। कंपनी प्रबंधन ने उन्हें तुरंत इलाज के लिए टीएमएच (TMH) में भर्ती कराया था, जहाँ कई दिनों तक चले इलाज के बाद शनिवार सुबह उनका निधन हो गया।
मुआवजे पर बनी सहमति
घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और मजदूर संगठनों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। स्थिति को देखते हुए ठेका एजेंसी के संवेदक, स्थानीय प्रतिनिधि माणिक मल्लिक, मृतक के परिजन और कंपनी प्रबंधन के बीच वार्ता हुई। लंबी बातचीत के बाद निम्नलिखित बिंदुओं पर समझौता हुआ:
मुआवजा: मृतक के परिजनों को तत्काल 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी।
अंतिम संस्कार: क्रिया-कर्म और अंतिम संस्कार का पूरा खर्च कंपनी प्रबंधन/ठेका एजेंसी द्वारा वहन किया जाएगा।
रोजगार: मृतक के परिवार के एक सदस्य को भविष्य में आवश्यकतानुसार रोजगार देने पर कंपनी ने सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है।
सहमति बनने के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
स्थानीय प्रतिनिधि माणिक मल्लिक ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि परिवार ने अपना कमाऊ सदस्य खोया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) को और अधिक सख्ती से लागू किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।


















