दिशोम गुरु शिबू सोरेन को आज मिलेगा पद्म भूषण सम्मान, पत्नी रूपी सोरेन करेंगी ग्रहण

नई दिल्ली/रांची : झारखंड आंदोलन के प्रणेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के संस्थापक और ‘दिशोम गुरु’ के नाम से प्रसिद्ध दिवंगत नेता शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान आज मंगलवार 23 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनके परिवार को सौंपेंगी। शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन इस सम्मान को ग्रहण करेंगी। मौके पर उनके परिवार की अन्य सदस्य मौजूद रहेंगे।
शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था। उन्होंने महाजनी प्रथा के खिलाफ संघर्ष, आदिवासी अधिकारों की रक्षा और अलग झारखंड राज्य की मांग को मजबूती दी। जेएमएम की स्थापना कर उन्होंने आदिवासी और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किए। वे झारखंड मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
अगस्त 2025 में 81 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था। केंद्र सरकार ने 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी, जिसमें शिबू सोरेन को लोक कार्य (Public Affairs) श्रेणी में पद्म भूषण (मरणोपरांत) दिया गया। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और जेएमएम ने इस सम्मान का स्वागत किया है, हालांकि पार्टी ने मांग की है कि गुरुजी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
आज का समारोह पद्म पुरस्कार 2026 के दूसरा नागरिक निवेश समारोह का हिस्सा है, जिसमें कुल 65 प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। शिबू सोरेन के अलावा अन्य प्रमुख हस्तियों को भी पुरस्कार दिए जाएंगे। यह सम्मान झारखंड और पूरे देश के आदिवासी समुदाय के लिए गौरव का क्षण है। दिशोम गुरु शिबू सोरेन की विरासत आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करती है।

















