A 15-foot-9-inch life-size statue will be unveiled in Nemra on Shibu Soren's first death anniversary.

Exclusive: गुरुजी शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर नेमरा में 15 फीट 9 इंच ऊंची आदमकद प्रतिमा का होगा अनावरण ,देखिये पहली तस्वीर 

 

A 15-foot-9-inch life-size statue will be unveiled in Nemra on Shibu Soren's first death anniversary.आकाश शर्मा 

रामगढ़/गोला: झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता, दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर 4 अगस्त 2026 को उनके पैतृक गांव नेमरा के लुकैयाटांड़ में ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उनकी 15 फीट 9 इंच ऊंची आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। प्रतिमा का लोकार्पण झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे।

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आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री, विधायक, सांसद, विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता, सामाजिक कार्यकर्ता तथा दूसरे राज्यों से भी कई जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। बड़ी संख्या में समर्थकों और आम लोगों के पहुंचने की भी उम्मीद है।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने झारखंड राज्य आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने अलग झारखंड राज्य की मांग को मजबूत जनआंदोलन का स्वरूप दिया। इसके साथ ही महाजनी प्रथा, शोषण और आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई को गांव-गांव तक पहुंचाया। गरीबों, किसानों और वंचित वर्ग की आवाज बनकर उन्होंने सामाजिक चेतना जगाने का काम किया, जिसके कारण उन्हें झारखंड की जनता “दिशोम गुरु” के नाम से सम्मान देती है।

लुकैयाटांड़ में स्थापित की जा रही यह प्रतिमा न केवल उनके संघर्ष और योगदान का प्रतीक होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को झारखंड आंदोलन के इतिहास से भी परिचित कराएगी। JMM के नगर उपाध्यक्ष अमजद अंसारी का कहना है कि राज्य में किसी जननेता की इतनी ऊंची प्रतिमा पहली बार स्थापित की जा रही है, जिससे यह स्थल झारखंड के इतिहास और स्मृतियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

वैसे पुण्यतिथि समारोह को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। 4 अगस्त को नेमरा का लुकैयाटांड़ झारखंड आंदोलन की विरासत, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष और उनके विचारों को श्रद्धांजलि देने का साक्षी बनेगा। यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता, पहचान और आंदोलन के इतिहास को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

नेमरा का ऐतिहासिक महत्व

रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा गांव दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जन्मस्थली और पैतृक गांव है। झारखंड आंदोलन के दौरान यह गांव कई महत्वपूर्ण बैठकों और रणनीतियों का केंद्र रहा। यहीं से शिबू सोरेन ने ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और लोगों को आंदोलन से जोड़ने का अभियान चलाया था।

महाजनी प्रथा के खिलाफ संघर्ष

शिबू सोरेन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत आदिवासियों और गरीब किसानों को महाजनी प्रथा, सूदखोरी, जमीन हड़पने और शोषण के खिलाफ संगठित करने से की। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया और सामाजिक न्याय की लड़ाई को जन आंदोलन का स्वरूप दिया।

झारखंड आंदोलन में भूमिका

1970 के दशक से लेकर वर्ष 2000 में अलग झारखंड राज्य बनने तक शिबू सोरेन आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के माध्यम से उन्होंने अलग राज्य की मांग को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य के गठन के पीछे उनके लंबे संघर्ष को निर्णायक माना जाता है।

प्रतिमा स्थल बनेगा प्रेरणा केंद्र

लुकैयाटांड़ में स्थापित की जा रही 15 फीट 9 इंच ऊंची प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि झारखंड आंदोलन के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह स्थल आगे चलकर आंदोलन से जुड़े लोगों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

भव्य तैयारियां

A 15-foot-9-inch life-size statue will be unveiled in Nemra on Shibu Soren's first death anniversary.

आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल, श्रद्धांजलि सभा, अतिथियों के स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल और चिकित्सा जैसी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति लगातार तैयारियों में जुटी है।

 

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Drishti Now

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वरिष्ठ संवाददाता

झारखंड की राजनीति, प्रशासन और स्थानीय खबरों पर लंबे समय से रिपोर्टिंग कर रहे हैं।