Babulal Marandi raises questions about the illegal sand trade despite the NGT ban; seeks a response from the government.

एनजीटी की रोक के बावजूद अवैध बालू कारोबार पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, सरकार से मांगा जवाब

Babulal Marandi raises questions about the illegal sand trade despite the NGT ban; seeks a response from the government.
Babulal Marandi raises questions about the illegal sand trade despite the NGT ban; seeks a response from the government.

रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में कथित अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा मॉनसून के दौरान नदियों से बालू उठाव पर रोक के बावजूद यह अवैध कारोबार आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
Deoghar
Advertisement

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए अपने पोस्ट में मरांडी ने कहा कि रांची सहित झारखंड के कई जिलों में बिना नंबर प्लेट और बिना वैध चालान के बालू लदे ट्रक खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। उन्होंने इसे पर्यावरणीय नियमों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और राज्य की राजस्व प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला बताया।

RKDF
advertisement

मरांडी ने कहा कि पर्यावरण विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि अवैध और अनियंत्रित बालू खनन से नदियों की प्राकृतिक धारा प्रभावित होती है, भूजल स्तर गिरता है, नदी तटों का कटाव बढ़ता है और पर्यावरणीय संतुलन को दीर्घकालिक नुकसान पहुंचता है।

 

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब ट्रैफिक कैमरों के जरिए आम लोगों की बाइक और कार का चालान आसानी से काटा जा सकता है, तो बिना नंबर प्लेट चल रहे बालू तस्करी के ट्रकों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती। उन्होंने पूछा कि क्या कानून केवल आम नागरिकों के लिए ही लागू है?

Kashmir
advertisement

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और अवैध बालू खनन एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि इससे राज्य की नदियों और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ सरकार के राजस्व को हो रही भारी क्षति पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now