झारखंड JSSC भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा ! नौकरी के नाम पर 10 लाख की मांग करने वाला आरोपी गिरफ्तार, अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज बरामद

चांडिल/रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की PGT सहायक आचार्य भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में है। चांडिल क्षेत्र में एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा गया है, जो खुद को JSSC का अधिकारी बताकर अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था।
क्या है पूरा मामला?
आरोपी ने एक अभ्यर्थी को फोन कर यह दावा किया कि वह JSSC से जुड़ा हुआ है और 10 लाख रुपये के बदले उसकी नियुक्ति सुनिश्चित करा सकता है। ठग ने न केवल पैसों की मांग की, बल्कि विश्वास जीतने के लिए अभ्यर्थी से उसके सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र (Original Documents) और एक हस्ताक्षरित चेक भी मांग लिया।

सजग अभ्यर्थी ने बिछाया जाल आरोपी की बातों पर संदेह होने पर पीड़ित अभ्यर्थी ने तुरंत सतर्कता दिखाई। उसने पुलिस को सूचित करने के बजाय खुद एक योजना बनाई और आरोपी को दस्तावेज लेने के बहाने मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही आरोपी तय स्थान पर पहुंचा, वहां मौजूद स्थानीय लोगों की मदद से उसे धर दबोचा गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस द्वारा आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से अन्य कई अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण-पत्र बरामद हुए हैं। इससे यह आशंका बलवती हो गई है कि आरोपी कोई अकेला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा है जो लंबे समय से राज्य भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर युवाओं को लूट रहा था।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर पहले से ही विरोध और चिंता का माहौल है। ऐसे में किसी व्यक्ति द्वारा आयोग का कर्मचारी बनकर अभ्यर्थियों के साथ सीधे संपर्क करना और उनसे दस्तावेज हासिल कर लेना, सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं। इस घटना के बाद से राज्य के उन हजारों अभ्यर्थियों में आक्रोश है, जो अपनी मेहनत के बल पर सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
















