झारखंड: मतदाता सूची पुनरीक्षण पर कांग्रेस नाराज, निर्वाचन आयोग से की 15 दिन का समय बढ़ाने की मांग

रांची : झारखंड में चल रही मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रक्रिया की गति पर सवाल उठाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है।
शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने किशोर नाथ शाहदेव के नेतृत्व में राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय जाकर एडिशनल सेक्रेटरी सुबोध कुमार से मुलाकात की और एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
डिजिटाइजेशन की धीमी गति पर चिंता
कांग्रेस डेलिगेशन ने ज्ञापन में मुख्य रूप से विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे डिजिटाइजेशन कार्य की धीमी गति को मुद्दा बनाया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था के चलते मतदाता सूची तैयार करने में काफी अड़चनें आ रही हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
समय-सीमा में वृद्धि: कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की अवधि में 15 दिनों का विस्तार करने की मांग की है।
समावेशी प्रक्रिया: पार्टी का तर्क है कि समय बढ़ने से अंतिम तिथि तक अधिक से अधिक नए मतदाता अपना नाम सूची में दर्ज करा पाएंगे।
मतदाता का अधिकार: कांग्रेस नेताओं ने जोर दिया कि कोई भी योग्य मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे, इसके लिए प्रशासन को पर्याप्त समय देना अनिवार्य है।
क्या है खतरा?
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि वर्तमान समय-सीमा के भीतर ही काम समाप्त कर दिया जाता है, तो कई क्षेत्रों में कार्य अधूरा रह जाएगा। इसके परिणामस्वरूप, बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम सूची से बाहर होने की प्रबल संभावना है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक गंभीर चूक साबित हो सकती है।
अब राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कांग्रेस की इस मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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