गुमला में खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान, स्कूल से मंडल कारा तक जांच; तेल, आटा और चायपत्ती के नमूने लिए गए

निर्मल सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गुमला जिले में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने व्यापक निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाया। संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त, झारखंड, उपायुक्त गुमला और अभिहित अधिकारी-सह-एसीएमओ के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर और आशा राज ने किया।
अभियान की शुरुआत राजकीयकृत मध्य विद्यालय, गुमला से हुई, जहां मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य मानकों की जांच की गई। इस दौरान छात्रों को “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” अभियान के तहत संतुलित आहार अपनाने, फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों के लाभ तथा तंबाकू एवं गुटखा से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया।
इसके बाद विभागीय टीम ने गुमला मंडल कारा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल में उपयोग किए जा रहे सरसों तेल, आटा और चायपत्ती के नमूने संग्रहित कर उन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया।
अधिकारियों ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जिले में खुले में मीट एवं चिकन काटने और बेचने पर प्रतिबंध है। नियमों के उल्लंघन पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

टीम ने इसके अलावा कोर्ट परिसर, कचहरी चौक और आसपास के होटलों, खाद्य प्रतिष्ठानों एवं चाट-ठेलों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य लाइसेंस, पंजीकरण, स्वच्छता, खाद्य सामग्री के भंडारण, एक्सपायरी तिथि और लेबलिंग की जांच की गई। जहां-जहां अनियमितताएं मिलीं, वहां संचालकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सड़क किनारे खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं को खाद्य पदार्थों को ढककर रखने, अखाद्य रंगों का इस्तेमाल नहीं करने तथा अखबार में खाद्य सामग्री परोसने से बचने की सख्त हिदायत दी। विभाग ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे निरीक्षण और जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।














