सुदूर गांवों तक न्याय पहुंचाने के लिए डालसा सचिव का औचक निरीक्षण, लीगल एड क्लिनिकों की कार्यप्रणाली परखी

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: जरूरतमंद लोगों तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की सचिव मरियम हेमरोम ने शुक्रवार को केरसई, कुरडेग और बोलबा प्रखंड स्थित लीगल एड क्लिनिकों का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर किया गया।

निरीक्षण के दौरान सचिव ने क्लिनिकों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के संधारण, लोगों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता और विधिक जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की। केरसई प्रखंड की सुदूरवर्ती टैंसेर पूर्वी पंचायत स्थित लीगल एड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया गया, जहां विशेष रूप से आदिम जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है।

मरियम हेमरोम ने क्लिनिक में उपलब्ध सुविधाओं, पंजीकृत मामलों, लाभुकों को दी जा रही सहायता और पारा लीगल वालंटियरों की भूमिका का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित कर्मियों को अभिलेखों का नियमित संधारण करने, मामलों की प्रगति दर्ज करने तथा गांव-गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के निर्देश दिए।

सचिव ने कहा कि लीगल एड क्लिनिक ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को न्याय व्यवस्था से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। आर्थिक रूप से कमजोर, अनुसूचित जनजाति, महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक तथा अन्य पात्र व्यक्तियों को यहां निःशुल्क कानूनी परामर्श और सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि डालसा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय पाने के अधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए जिले के सभी लीगल एड क्लिनिकों को अधिक सक्रिय और जनोपयोगी बनाया जा रहा है।
















