झारखंड विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच 8,399.31 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, सदन की कार्यवाही 10 अगस्त तक टली
रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का शुक्रवार का दिन भारी शोर-शराबे और राजनीतिक तल्खी के बीच बीता। दोपहर बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच माहौल फिर गरमा गया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी।
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कार्यवाही आरंभ होते ही विधायक प्रदीप यादव ने अपने स्थान से कुछ मुद्दे उठाने की कोशिश की। इसी दौरान भाजपा के विधायक भी विभिन्न विषयों को लेकर विरोध दर्ज कराने के लिए अपनी सीटों पर खड़े हो गए। लगातार हो रहे विरोध और शोरगुल के कारण सदन में व्यवस्थित चर्चा संभव नहीं हो पाई।

विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सदस्यों से शांतिपूर्वक कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करते हुए सदन का काम आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।

इसी बीच सरकार ने अपना वित्तीय एजेंडा पूरा करते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के माध्यम से 8,399.31 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत कराया। यह बजट चालू वित्तीय वर्ष के दौरान विभिन्न विभागों की अतिरिक्त योजनाओं और व्यय आवश्यकताओं के लिए लाया गया है।

हालांकि, विपक्ष के लगातार हंगामे के चलते अन्य विधायी कार्य आगे नहीं बढ़ सके। अंततः विधानसभा अध्यक्ष ने परिस्थितियों को देखते हुए सदन की कार्यवाही 10 अगस्त, सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।

अब अगली बैठक में अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा होने के साथ-साथ विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर भी सदन में तीखी बहस होने की संभावना है।





















