JPSC-JSSC विवाद: दूसरे दौर की वार्ता के बीच छात्र नेता कुणाल प्रताप का ट्वीट, बातचीत की दिशा पर उठे सवाल

रांची। JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों और झारखंड सरकार के बीच शनिवार को दूसरे दौर की वार्ता जारी है। सरकार के प्रतिनिधियों और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब आधे घंटे से बैठक चल रही है। इसी बीच छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने वार्ता के माहौल को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

कुणाल प्रताप सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि नौकरी बेचने वालों, परीक्षा में धांधली करने वालों और पेपर लीक कराने वालों को माफिया नहीं कहा जाता, लेकिन जो लोग बच्चों को पढ़ाते हैं, उन्हें नौकरी की तैयारी कराते हैं और व्यवस्था में गड़बड़ी होने पर छात्रों के पक्ष में आवाज उठाते हैं, उन्हें माफिया बताया जाता है।
उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में एक मंत्री पर तंज कसते हुए लिखा— “वाह मंत्री जी वाह! ऐसा ‘दिव्य ज्ञान’ आखिर मिलता कहाँ है आपको।”

हालांकि, कुणाल प्रताप सिंह का यह बयान किस मंत्री के किस वक्तव्य के जवाब में आया है, इसकी अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन पोस्ट में मंत्री का सीधे तौर पर उल्लेख किए जाने के कारण इसे सरकार की ओर से दिए गए किसी बयान की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। दूसरे दौर की वार्ता के बीच इस पोस्ट के सामने आने से बातचीत को लेकर भी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

15वें दिन भी जारी है छात्रों का आंदोलन
दूसरी ओर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन लगातार 15वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारी छात्र JPSC और JSSC की परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था में सुधार समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डटे हुए हैं।

शनिवार को भी आंदोलन स्थल से छात्रों ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। मंच से छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार के सामने रख रहे हैं।

छात्र नेताओं का कहना है कि पिछले करीब दो सप्ताह से चल रहे आंदोलन के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों पर अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। हालांकि, सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी है और इसी बातचीत से किसी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद भी बनी हुई है।
10 अगस्त को बड़े जुटान का आह्वान
आंदोलनकारी छात्र नेताओं ने अब 10 अगस्त को रांची में बड़े छात्र जुटान का आह्वान किया है। उन्होंने झारखंड के अलग-अलग जिलों में तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों और बेरोजगार युवाओं से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचने की अपील की है।

छात्र नेताओं के मुताबिक, प्रस्तावित जुटान का उद्देश्य JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज को और मजबूती देना है। उनका कहना है कि यह संघर्ष केवल सरकारी नौकरी हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने से जुड़ा है।

छात्रों ने शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात कही
आंदोलनकारी छात्रों ने एक बार फिर दावा किया कि उनका प्रदर्शन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। मंच से छात्रों ने कहा कि वे कानून-व्यवस्था को हाथ में लिए बिना अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचा रहे हैं।
JPSC-JSSC विवाद: छात्रों की मांगों पर आज फिर सरकार से बातचीत, जल्द फैसले की
छात्र नेताओं ने सरकार से अपील की कि वह आंदोलन की गंभीरता को समझते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय ले। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते ठोस पहल नहीं होती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
फिलहाल सभी की नजरें सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच चल रही दूसरे दौर की वार्ता के नतीजे पर टिकी हैं। बैठक के बाद सामने आने वाला सरकार और छात्रों का आधिकारिक रुख यह तय करेगा कि आंदोलन समाधान की दिशा में बढ़ता है या आने वाले दिनों में इसका स्वरूप और व्यापक होता है।




















