जेपीएससी पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को सीआईडी ने गिरफ्तार किया, छात्र आंदोलन के बीच बड़ा एक्शन

रांची: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोमवार (10 अगस्त 2026) को राज्य सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!खियांग्ते पूर्व मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने 22 जुलाई 2026 को पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे के बाद सीआईडी ने उनके आवास और कार्यालय पर छापेमारी की थी तथा कई दौर की लंबी पूछताछ की थी।

जांच 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (प्रारंभिक) में कथित अनियमितताओं से जुड़ी है। सीआईडी का आरोप है कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को परीक्षा संचालन का ठेका देने में खियांग्ते की भूमिका संदिग्ध है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी से ठेका देने के बदले रिश्वत और कमीशन लेने के आरोप भी जांच का हिस्सा हैं।


इस मामले में अब तक टीडीपीएल के कर्मचारियों, जेपीएससी अधिकारियों और अभ्यर्थियों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है, इसलिए वे सीबीआई जांच और कुछ परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।


गिरफ्तारी उस समय हुई जब रांची में हजारों अभ्यर्थी विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और पानी का इस्तेमाल भी किया। सरकार ने कुछ मांगें मान ली हैं, लेकिन छात्र सीबीआई जांच पर अड़े हुए हैं। सीआईडी की यह कार्रवाई जेपीएससी-जेएसएससी घोटाले की जांच में महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है। आगे की जांच जारी है।






















