14वीं JPSC परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार मामला छात्र नेता देवेंद्र महतो आमरण अनशन पर..जानिए अब तक क्या हुआ

रांची: झारखंड में 14वीं संयुक्त सिविल सेवा (JPSC) परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराने और परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। पिछले नौ दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना रविवार को नए चरण में प्रवेश कर गया। ‘मुक्त भर्ती अभियान’ के बैनर तले चल रहे सत्याग्रह के बीच छात्र नेता देवेंद्र महतो ने आज से आमरण अनशन (हंगर स्ट्राइक) शुरू कर दिया।

धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक सरकार 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द कर मामले की सीबीआई जांच की घोषणा नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार की एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है, इसलिए पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।

इस बीच आंदोलन को विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों का भी समर्थन मिलने लगा है। प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि राज्य की भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल है।

अब तक CID जांच में क्या-क्या हुआ?
14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही झारखंड सीआईडी ने अब तक कई महत्वपूर्ण कार्रवाई की हैं—
मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें जेपीएससी के पूर्व परीक्षा उप नियंत्रक, आउटसोर्सिंग एजेंसी TSR Data Processing Pvt. Ltd. के निदेशक तथा एजेंसी से जुड़े अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
सीआईडी ने पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते के रांची स्थित आवास और जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी कर परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से लगातार कई दिनों तक लंबी पूछताछ की गई। जांच के दौरान उनका पासपोर्ट जब्त किया गया और विदेश यात्रा से जुड़े खर्चों का ब्योरा भी मांगा गया। सोमवार को cid उनसे फिर पूछताछ करेगी।
जांच का मुख्य फोकस ओएमआर शीट, परीक्षा संचालन, आउटसोर्सिंग एजेंसी की भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर है।
हाल ही में 14वीं पीटी परीक्षा में सफल करीब 1000 अभ्यर्थियों ने अपनी ओएमआर शीट की प्रतियां सीआईडी को उपलब्ध कराई हैं। सीआईडी इनकी मूल ओएमआर शीट से मिलान कर रही है ताकि किसी संभावित छेड़छाड़ या गड़बड़ी की पुष्टि की जा सके।
उधर, सीआईडी जांच आगे बढ़ने के साथ ही छात्रों का आंदोलन भी तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी अब राज्य सरकार पर सीबीआई जांच की सिफारिश करने और पूरी 14वीं जेपीएससी परीक्षा को निरस्त कर नई परीक्षा कराने का दबाव बना रहे हैं।
















