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विश्व हिंदू परिषद की दो दिवसीय प्रांतीय कार्यसमिति बैठक लोहरदगा में शुरू

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आनंद कुमार सोनी

लोहरदगा: विश्व हिंदू परिषद (VHP) की प्रत्येक छह माह के अंतराल पर होने वाली प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक इस बार लोहरदगा ज़िला में सुनिश्चित की गई है। इसी निर्णय के अनुसार, गुदरी बाजार स्थित मुद्रिका भवन में प्रांतीय, केंद्रीय एवं झारखंड राज्य के विभिन्न जिलों के लगभग 300 दायित्ववान पदाधिकारियों की उपस्थिति में बैठक का भव्य शुभारंभ हुआ।

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मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन

कार्यक्रम का शुभारंभ पटना-गुवाहाटी क्षेत्र के धर्माचार्य प्रमुख बीरेंद्र बिमल जी, क्षेत्र मंत्री बीरेंद्र साहू जी, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्रा, मार्गदर्शन मंडली संयोजक चैतन्य स्वामी श्री कृष्ण ब्रह्मचर्य जी, सह मंत्री मनोज पोद्दार, रामनरेश सिंह, और विश्व हिंदू परिषद लोहरदगा ज़िला अध्यक्ष रीतेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर तथा भारत माता एवं श्रीराम दरबार में पुष्पार्जन करके किया गया।

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वक्ताओं के मुख्य विचार एवं संकल्प

सनातन धर्म की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पटना-गुवाहाटी क्षेत्र के धर्माचार्य प्रमुख बीरेंद्र बिमल जी ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का प्रथम लक्ष्य सनातन धर्म की अक्षुण्णता तथा सनातनियों एवं देश की रक्षा करना है।

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आत्मावलोकन और जागरूकता पर जोर: उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज के कुछ युवाओं को धर्म विरोधी गतिविधियों में भ्रमित किया जा रहा है। ऐसे में सनातनियों को यह समझने की आवश्यकता है कि धर्म की रक्षा के लिए आत्मम समीक्षा और सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। अपनी पहचान और प्रमाणिकता के लिए ललाट पर तिलक अवश्य लगाएं।

संस्कार और नशा मुक्ति: युवाओं को सही दिशा देने और उन्हें नशापान से दूर रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया। अभिभावकों से आग्रह किया गया कि वे अपने बच्चों में अच्छे संस्कारों को आत्मसात कराएं।

सामाजिक समरसता: वक्ताओं ने कहा कि सनातन संस्कृति की पहचान इसकी वीरता, राष्ट्रभक्ति और मजबूत परिवार व्यवस्था से है। भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन सामाजिक समरसता का प्रतीक है, और समाज को स्थापित करने के लिए मन, वचन और चरित्र में समरसता अति आवश्यक है।

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