चमोली टनल हादसा: झारखंड के मजदूरों के फंसे होने की खबर, सीएम हेमंत ने धामी से की बात

रांची: उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल के धंसने से बड़ा हादसा हो गया है। हादसे में कई मजदूरों के हताहत होने की सूचना है, जबकि कई श्रमिकों के सुरंग के अंदर फंसे होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि झारखंड के खूंटी, गुमला समेत अन्य जिलों के कुछ मजदूर भी इस परियोजना में काम कर रहे थे और उनके फंसे होने की आशंका है। हादसे में झारखंड के मजदूरों के भी हताहत होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, करीब पांच मजदूरों के घायल होने की भी सूचना है।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की। सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि खूंटी और गुमला जिले के कई मजदूरों के टनल में फंसे होने की सूचना मिली है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान पूरी तत्परता से चलाया जा रहा है।
सुरंग हादसों पर सीएम ने जताई चिंता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लगातार निर्माणाधीन सुरंगों में होने वाले हादसों और मजदूरों के फंसने की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में प्रकृति के सम्मान और पर्यावरणीय संतुलन को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम बार-बार सामने आ रहे हैं और ये घटनाएं हमें सचेत करती हैं।

झारखंड सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
चमोली टनल हादसे में झारखंड के जिन मजदूरों के परिजन या परिचितों के उत्तराखंड में काम करने की जानकारी है, उनसे राज्य सरकार ने अपील की है कि वे तत्काल सरकार के कंट्रोल रूम से संपर्क कर संबंधित मजदूर की जानकारी साझा करें।
टोल फ्री हेल्पलाइन: 1800-3456-526
व्हाट्सऐप हेल्पलाइन:
9470132591
9431336472
9431336427
राज्य सरकार ने कहा है कि हादसे में फंसे झारखंड के प्रत्येक श्रमिक की जानकारी जुटाने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

चमोली भेजी जाएगी उच्चस्तरीय टीम
झारखंड सरकार का श्रम विभाग और राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। फंसे हुए मजदूरों की जानकारी जुटाने के साथ उनकी सुरक्षित घर वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से एक उच्चस्तरीय टीम को चमोली भेजने की तैयारी की जा रही है।
इसके अलावा, टनल में फंसे मजदूरों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया भी जारी है। जरूरत पड़ने पर संबंधित मजदूरों के परिजनों को चमोली भेजने की व्यवस्था भी राज्य सरकार की ओर से की जाएगी। फिलहाल राहत और बचाव अभियान के साथ झारखंड सरकार की प्राथमिकता टनल में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना और उनके परिजनों तक सही एवं आधिकारिक जानकारी पहुंचाना है।

















