स्वतंत्रता दिवस समारोह में DGP ने गिनाईं पुलिस की उपलब्धियां, अपराध नियंत्रण से लेकर आधुनिकीकरण और जवानों के कल्याण तक का दिया ब्यौरा
नक्सल मोर्चे पर झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता, 103 गिरफ्तार और 46 ने किया आत्मसमर्पण

नवीन कुमार
रांची। झारखंड पुलिस ने वर्ष 2026 में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए कई बड़ी कामयाबियां हासिल की हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक ने राज्य में नक्सल विरोधी अभियान, संगठित अपराध, मादक पदार्थ और साइबर अपराध के खिलाफ हुई कार्रवाई का ब्यौरा साझा किया।
डीजीपी ने बताया कि जनवरी से 5 अगस्त 2026 के बीच नक्सल विरोधी अभियानों में पुलिस ने 103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया। इनमें झारखंड सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया।
इसी अवधि में 46 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जबकि विभिन्न मुठभेड़ों में 22 नक्सली मारे गए। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में एक करोड़ रुपये के इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल थे।

हथियार और विस्फोटक भी बरामद
नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस को हथियार और विस्फोटक बरामद करने में भी बड़ी सफलता मिली। कार्रवाई में 98 हथियार, 7,470 कारतूस, 11 किलोग्राम विस्फोटक, तीन आईईडी और करीब छह लाख रुपये की लेवी बरामद की गई।
संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई तेज
राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। जनवरी से जुलाई के बीच 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से 63 हथियार और 274 गोलियां बरामद कीं। इसके अलावा 50 अपराधियों के खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई की गई।

नशे के कारोबार पर 710 गिरफ्तार
मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए गए अभियान में जनवरी से जून तक 710 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने इस दौरान अलग-अलग तरह के प्रतिबंधित मादक पदार्थ भी जब्त किए।
साइबर अपराध पर भी पुलिस की नजर
झारखंड में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा भी बढ़ाया गया है। जनवरी से जून के बीच 486 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 17 लाख रुपये से अधिक की राशि समेत अन्य अवैध सामान बरामद हुआ। साइबर ठगी के पीड़ितों को उनकी रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया भी जारी है।

1,485 नए वाहनों से मजबूत हुई पुलिस की पेट्रोलिंग
पुलिस के आधुनिकीकरण को लेकर भी सरकार की ओर से किए गए प्रयासों का डीजीपी ने उल्लेख किया। 13 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस विभाग को 636 महिंद्रा बोलेरो और 849 टीवीएस अपाचे वाहन उपलब्ध कराए थे। कुल 1,485 वाहनों के मिलने से पुलिस की फील्ड मोबिलिटी और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ी है।
इसका असर डायल-112 की प्रतिक्रिया व्यवस्था में भी दिखाई दिया। जनवरी में करीब 16 हजार शिकायतों के बीच औसत रिस्पॉन्स टाइम 9 मिनट 41 सेकंड था। जुलाई में शिकायतों की संख्या बढ़कर करीब 23 हजार हो गई, लेकिन औसत प्रतिक्रिया समय घटकर 9 मिनट 12 सेकंड रह गया।
पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए कल्याणकारी कदम
डीजीपी ने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों को भी प्रमुखता से रखा। जनवरी से जुलाई के बीच शिक्षा कोष से 9,443 लाभार्थियों को 11.46 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
वहीं, पुलिसकर्मियों के आश्रितों के लिए अनुकंपा नियुक्ति के तहत 153 लोगों को नौकरी दी गई। 4 अगस्त को हुई बैठक में 84 अन्य मामलों को भी पात्र पाया गया। विभिन्न पुलिस संवर्गों में प्रोन्नति और एसीपी/एमएसीपी से जुड़े मामलों को भी मंजूरी दी गई।
एकजुट होकर अपराध के खिलाफ लड़ाई का आह्वान
स्वतंत्रता दिवस समारोह में डीजीपी ने पुलिस बल से देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने साइबर अपराध, नशाखोरी और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस के साथ-साथ आम लोगों में भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई।
झारखंड पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष नक्सल विरोधी अभियान के साथ-साथ पारंपरिक अपराध और नए दौर के साइबर अपराध पर भी कार्रवाई का फोकस बढ़ाया गया है।
















