छात्र आंदोलन पर सियासत का आरोप, विनोद पांडेय बोले- भाजपा की नजर झारखंड की खनिज संपदा पर
रांची। झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा पर आंदोलन को राजनीतिक दिशा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दों को सामने रखकर भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पांडेय के मुताबिक, आंदोलन की शुरुआत से ही इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नजर आ रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि घेराव के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ी और बिहार तथा बंगाल से लोगों को वाहनों के जरिए लाकर आंदोलन में शामिल कराने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक मंच बनाने का आरोप
झामुमो नेता ने कहा कि छात्रों का आंदोलन अपने मूल स्वरूप में छात्रों से जुड़े सवालों को लेकर था, लेकिन भाजपा ने इसे राजनीतिक संघर्ष में बदलने की कोशिश की। उनका आरोप है कि छात्रों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने के बजाय भाजपा सरकार के खिलाफ राजनीतिक माहौल तैयार कर रही है।
बाबूलाल मरांडी को निशाने पर लेते हुए पांडेय ने कहा कि भाजपा को अपनी राजनीतिक लड़ाई खुद लड़नी चाहिए और छात्रों को राजनीतिक इस्तेमाल का माध्यम नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि छात्र भी अब यह समझ रहे हैं कि उनके हितों की बात कौन कर रहा है और उन्हें राजनीतिक फायदे के लिए कौन इस्तेमाल करना चाहता है।

खनिज संपदा को लेकर भी भाजपा पर निशाना
विनोद पांडेय ने भाजपा पर झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन के साथ राज्य की खनिज संपदा पर किसी बाहरी ताकत का नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले पांच वर्षों में करीब एक लाख करोड़ रुपये की खनिज संपदा को लेकर सवाल खड़ा होगा। पांडेय ने पहले से बकाया डेढ़ लाख करोड़ रुपये का जिक्र करते हुए इसे जोड़कर करीब ढाई लाख करोड़ रुपये का मामला बताया।

झारखंड की जनता अपने अधिकारों की रक्षा करेगी
पांडेय ने कहा कि झारखंड को राजनीतिक प्रयोगशाला समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के छात्र, युवा, आदिवासी, मूलवासी और आम लोग अपने अधिकारों तथा संसाधनों को लेकर जागरूक हैं।
उन्होंने कहा कि झामुमो छात्रों की जायज मांगों और लोकतांत्रिक आंदोलन के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक अशांति का माध्यम बनाने की कोशिश का विरोध करेगा।
पांडेय ने दोहराया कि झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य के लोगों के अधिकारों की रक्षा झामुमो की प्राथमिकता है।
















