झारखंड की भर्ती परीक्षाओं पर आज दो अदालतों में अहम सुनवाई, हाईकोर्ट में 22 परीक्षाओं का रद्दीकरण तो सुप्रीम कोर्ट में CBI जांच पर नजर

रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच 24 अगस्त 2026 का दिन अभ्यर्थियों के लिए बेहद अहम है। आज झारखंड हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े दो महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई होनी है। दोनों मामलों के संभावित फैसले और कोर्ट की टिप्पणियों पर राज्य के लाखों अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हैं।
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हाईकोर्ट में 22 परीक्षाओं के रद्दीकरण को चुनौती
झारखंड सरकार की ओर से कथित अनियमितताओं के आधार पर 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित और 17 अन्य परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने के फैसले को चुनौती दी गई है। सरकार के इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य और नियुक्तियों को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट इससे पहले सरकार के कुछ रद्दीकरण आदेशों पर रोक लगा चुका है। अब आगे की सुनवाई में कोर्ट इस पूरे विवाद और सरकार के फैसले पर क्या रुख अपनाता है, इस पर अभ्यर्थियों की खास नजर है।

सुप्रीम कोर्ट में JPSC PT पर CBI जांच की मांग
दूसरी ओर, 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर भी आज सुनवाई होनी है। याचिका में परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने तथा कथित गड़बड़ियों की CBI या स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है। इस मामले में 19 अप्रैल 2026 को आयोजित JPSC प्रारंभिक परीक्षा की प्रक्रिया, प्रश्नपत्र, OMR स्कैनिंग और मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

लाखों अभ्यर्थियों की टिकी निगाहें
JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद और छात्र आंदोलन के बीच आज दोनों अदालतों में होने वाली सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ रद्द की गई परीक्षाओं और नियुक्तियों का भविष्य दांव पर है, तो दूसरी तरफ कथित परीक्षा अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट के रुख का इंतजार है। ऐसे में आज की न्यायिक कार्यवाही झारखंड के प्रतियोगी परीक्षाओं की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

















