SIR को लेकर भाजपा पर कांग्रेस का पलटवार, राकेश सिन्हा बोले- ‘भाजपा को हर मुसलमान में घुसपैठिया दिखता है’

रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति इस स्तर तक पहुंच गई है कि उसे हर मुसलमान में घुसपैठिया और हर अधिकारी में विपक्ष का एजेंट नजर आने लगा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा पहले यह स्पष्ट करे कि उसे मतदाता सूची की जांच चाहिए या धर्म के आधार पर मतदाताओं की छंटनी करनी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की नागरिकता या मतदाता सूची में नाम को लेकर वास्तविक आपत्ति है, तो कानून में इसके लिए पूरी प्रक्रिया निर्धारित है। भाजपा के पास प्रमाण है तो उसे सामने लाना चाहिए, केवल आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा।
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने भाजपा के उस आरोप को भी हास्यास्पद बताया, जिसमें कहा गया है कि RO ने पहले से तय कर लिया है कि Form-7 नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को ऐसा लगता है तो वह इसके प्रमाण के साथ चुनाव आयोग के पास जाए। केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाने से चुनावी प्रक्रिया नहीं चलती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को RO अधिकारी में सरकार का एजेंट नजर आ रहा है, लेकिन अपने नेताओं की बयानबाजी में चुनावी एजेंडा नजर नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास दस्तावेज नहीं हैं, लेकिन आरोपों की पूरी फाइल तैयार है।

राकेश सिन्हा ने कहा कि साहिबगंज, पाकुड़ और दुमका का नाम लेकर पूरे समुदाय को कटघरे में खड़ा करना बंद किया जाना चाहिए। कुछ कथित मामलों के आधार पर लाखों नागरिकों की निष्ठा और नागरिकता पर सवाल उठाना भाजपा की विभाजनकारी राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को वास्तव में घुसपैठियों की चिंता है तो नाम, पता, प्रमाण और कार्रवाई का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करे। केवल ‘घुसपैठिया-घुसपैठिया’ कहने से कोई भारतीय घुसपैठिया नहीं हो जाता।

कांग्रेस नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और युवाओं के सवालों का कोई जवाब नहीं है। इसलिए हर चुनाव में एक नया डर पैदा किया जाता है—कभी धर्म का, कभी घुसपैठ का और अब SIR का। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अब डर की राजनीति का सामान खरीदने वाली नहीं है। राकेश सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, भाजपा की राजनीतिक शाखा नहीं। अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठाना और पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में खड़ा करना भाजपा की बौखलाहट को दर्शाता है।
अंत में उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसके पास कोई ठोस प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करे, अन्यथा धर्म के नाम पर लोगों को डराना और चुनावी माहौल को जहरीला बनाना बंद करे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता की पहचान उसके धर्म से नहीं, बल्कि उसके संवैधानिक अधिकार से होती है।















