Sir: What are the rules for proving citizenship?

SIR : नागरिकता साबित करने के लिए क्या हैं नियम ? मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कि बताई यह बातें आपको जरूर जानी चाहिए

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Sir: What are the rules for proving citizenship?

रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी अब BLO डॉक्यूमेंट के लिए आपके घर आएंगे । लेकिन आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए की आम आदमी के लिए नागरिकता साबित करने का नियम क्या है । राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रवि कुमार ने जो बताया वह आम आदमी के लिए जाना बहुत जरूरी है ताकि आपको नागरिकता साबित करने में कोई परेशानी ना हो

नागरिकता निर्धारण के लिए तीन मुख्य समय-सीमाएं

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 और उसके संशोधनों के आधार पर नागरिकता सिद्ध करने के लिए तीन महत्वपूर्ण समय-सीमाएं निर्धारित की हैं, जो इस प्रकार हैं:

26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच: इस अवधि में भारत में जन्मा प्रत्येक व्यक्ति भारतीय नागरिक माना जाता है। इसे ‘बर्थ राइट रूल’ कहा जाता है।

1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच: इस अवधि में जन्म लेने वाले व्यक्ति के माता या पिता में से किसी एक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। इसे ‘वन पैरेंट रूल’ के अंतर्गत रखा गया है।

2 दिसंबर 2004 के बाद: इस अवधि के लिए ‘टू पैरेंट रूल’ लागू होता है। इसके अनुसार, या तो माता-पिता दोनों का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है, या फिर उनमें से एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा व्यक्ति उस समय अवैध अप्रवासी न होकर वैध पासपोर्ट और वीजा का धारक हो।

इन्यूमरेशन प्रक्रिया: क्या करें और क्या न करें

30 जून से 29 जुलाई तक चलने वाले इन्यूमरेशन फेज के दौरान बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म वितरित करेंगे।

पात्र नागरिकों के लिए: मतदाता अपने वर्तमान रंगीन फोटो के साथ हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म बीएलओ को जमा करें।

गैर-नागरिकों के लिए: जो व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं हैं या जिन्होंने भारतीय नागरिकता त्याग दी है, वे इन्यूमरेशन फॉर्म को बिना भरे और बिना हस्ताक्षर किए तुरंत बीएलओ को वापस लौटा दें।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गलत जानकारी देकर गणना या घोषणा पत्र जमा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत एक दंडनीय अपराध है।

ड्राफ्ट पब्लिकेशन और सत्यापन

जिन मतदाताओं द्वारा इन्यूमरेशन फॉर्म जमा किए जाएंगे, उनका नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में शामिल किया जाएगा। ड्राफ्ट पब्लिकेशन के बाद, यदि किसी मतदाता की मैपिंग सही पाई जाती है, तो उन्हें किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी।
इसके अतिरिक्त, फॉर्म 6 भरते समय मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैध दस्तावेजों में से कोई एक संबंधित दस्तावेज के साथ घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य होगा।

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