SIR process is only for eligible Indian citizens; non-Indian citizens should return the form to the BLO: Chief Electoral Officer.

एसआईआर प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए, गैर-भारतीय नागरिक बीएलओ को लौटाएं फॉर्म: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी

SIR process is only for eligible Indian citizens; non-Indian citizens should return the form to the BLO: Chief Electoral Officer.
SIR process is only for eligible Indian citizens; non-Indian citizens should return the form to the BLO: Chief Electoral Officer.

रांची: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। गैर-भारतीय नागरिक अथवा भारतीय नागरिकता त्याग चुके व्यक्ति इन्यूमरेशन फॉर्म बिना भरे और हस्ताक्षर किए ही तुरंत बीएलओ को वापस कर दें। गलत जानकारी देकर घोषणा पत्र जमा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध है।

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शनिवार को निर्वाचन सदन से सभी प्रमंडलीय आयुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने एसआईआर की पूरी प्रक्रिया और आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे और वर्तमान रंगीन फोटो के साथ हस्ताक्षरित फॉर्म प्राप्त करेंगे। जो भी मतदाता निर्धारित अवधि में अपना फॉर्म जमा करेंगे, उनका नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

के. रवि कुमार ने भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए बताया कि नागरिकता का निर्धारण जन्म तिथि के आधार पर अलग-अलग नियमों के तहत किया जाता है। उन्होंने कहा कि फॉर्म जमा करते समय मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों में से किसी एक की प्रति भी देनी होगी।

उन्होंने बताया कि नए मतदाताओं को बीएलओ फॉर्म-6 और घोषणा पत्र उपलब्ध कराएंगे, जबकि एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट और रिफ्यूज टू साइन श्रेणी के मतदाताओं का सत्यापन मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 के माध्यम से कराया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रमंडलीय आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का कम से कम तीन बार निरीक्षण करें और आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से इसकी निगरानी सुनिश्चित करें।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित सभी प्रमंडलीय आयुक्त ऑनलाइन माध्यम से मौजूद रहे।

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